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बिहार के इन रूटों पर मालगाड़ियां भी चलेगी 100 किलोमीटर के रफ्तार से, जानिए विस्तार से

 


जापान की तर्ज पर पूर्व मध्य रेलवे की मालगाड़ियां अब लिंक डायग्राम पर चलेंगी। यात्री ट्रेनाें के साथ मालगाड़ियाें का परिचालन भी 100 किमी की रफ्तार में चलाने के लिए टाइम टेबल बनाया जा रहा है। जापान में चलने वाली मालगाड़ी परिचालन के लिंक डायग्राम की तकनीक सीखकर वापस आए साेनपुर व समस्तीपुर मंडल के सीनियर डीओएम ने इस तकनीक का प्रयाेग अपने-अपने मंडल में शुरू कर दिया है।

सोनपुर-समस्तीपुर समेत अन्य मंडलाें में चलने वाली मालगाड़ियाें काे भी इस लिंक डायग्राम से जाेड़ने का काम शुरू किया जा रहा है। इसके पीछे रेलवे का उद्देश्य है कि मालगाड़ियाें काे समय से गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। साेनपुर मंडल के सीनियर डीओएम ने बताया कि वर्तमान में मालगाड़ियाें का परिचालन क्रू चेंजिंग पर आधारित है।

इस क्रम में मालगाड़ियाें काे लंबा रन दिया जाता है। इसमें क्रू चेंजिंग प्वॉइंट काे एक लाॅबी से दूसरे लाॅबी तक मेल एक्सप्रेस ट्रेनाें के पीछे चलाने की कवायद की जाती है ताकि इन ट्रेनाें के पीछे 300 किमी तक मालगाड़ियां बिना बाधा के पास हाे सकें। एक से दूसरे रेलमंडल में मालगाड़ियों के लिंक को कनेक्ट किया जाएगा ताकि परिचालन में रुकावट नहीं आए।

मालगाड़ियों के जरिए गंतव्य पर समय से माल पहुंचाया जा सके, इसके लिए रेलवे इस याेजना पर कर रहा है काम

सिमरिया से मुजफ्फरपुर व छपरा तक डिफाइन पाथ

बताया कि सोनपुर मंडल में सिमरिया से मुजफ्फरपुर और मुजफ्फरपुर से छपरा तक डिफाइन पाथ माना गया है। इसकी लगातार माॅनिटरिंग की जा रही है। इसके लिए खगड़िया, बराैनी, मुजफ्फरपुर व साेनपुर में मिनी कंट्राेल बनाया गया है। यहां 24 घंटे तीन-तीन कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

100 किमी की रफ्तार से मालगाड़ी को टाइम टेबल से चलाने के लिए शुरू हुआ है प्रयोग

सीनियर डीओएम ने बताया कि भारत में मालगाड़ियाें से भारी सामान जैसे काेयला, भवन निर्माण सामग्री आदि की ढुलाई हाेती है। ऐसे में लिंक डायग्राम से मालगाड़ियाें के परिचालन में थोड़ी परेशानी आ रही है। लेकिन इसे प्रयाेग के ताैर पर शुरू किया जा रहा है। वहीं, पार्सल सर्विस ढोने के लिए मालगाड़ियाें में एएमजी रैक लगाई जा रही है। करीब 10 एएमजी रैक से प्रयोग के तौर पर 100 किमी की स्पीड से पार्सल गुड्स की ढुलाई शुरू की जा चुकी है। अन्य मालगाड़ियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। साेनपुर मंडल में प्रतिदिन करीब 100 से अधिक मालगाड़ियां चलती हैं।

जापान की तरह पार्सल सर्विस की ढुलाई के लिए आईसीएफ बोगियों को बनाया जा रहा है कंटेनर

जापान में छोटे-छोटे कंटेनर से सामान की ढुलाई की जाती है। जिससे आसानी से समय सीमा के अंदर सामान पहुंच जाता है। भारतीय रेलवे में अभी इस तकनीक को शुरू करने की योजना बन रही है। ट्रेनों में जो पुरानी आईसीएफ बोगियां थीं, उसे अब बंद कंटेनर की तरह बनाया जा रहा है ताकि उसमें पार्सल सर्विस की ढुलाई हो सके। भारत में कोयला, सीमेंट आदि गुड्स प्राइमरी सोर्स ऑफ एनर्जी हैं। इनकी ढुलाई कंटेनर में नहीं की जा सकती। इनकी ढुलाई के लिए खुली बोगियां बनाई गई हैं। फिलहाल अभी इस सिस्टम को चेंज करने की व्यवस्था बोर्ड स्तर पर की जा रही है। इन्हे भी जरूर पढ़ें

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