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750 करोड़ खर्च कर तैयार हुआ भारत-नेपाल रेल परियोजना, मधुबनी से जनकपुर के बीच चलेगी ट्रैन

 

PATNA- भारत-नेपाल के बीच ट्रेन सेवा नहीं हुई शुरू : भारत—नेपाल के बीच नेपाल परिचालन का रास्ता साफ नहीं हो रहा है। हर दो महीने के बाद अधिकारी संकेत देते हैं कि जल्द भारत व नेपाल के बीच ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन होता नहीं हैं। भारत के जयनगर से नेपाल के कुर्था तक रेल लाइन और स्टेशन बने तीन साल हो गए हैं।

अधिकारियों केअनुसार इस बीच भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच औपचारिक और अनौपचारिक 25 बैठकें हो चुकी हैं। 36 बार दोनों देशों के अधिकारी मिले और करीब एक दर्जन बार दोनों देशों केअधिकारी आपस में रेल लाइनों का निरीक्षण कर चुके हैं। भारत सरकार ने नेपाल सरकार को जयनगर से कुर्था तक रेल परियोजना हैंडओवर कर दिया है। अब ट्रेनों का परिचालन नेपाल सरकार को करना है। लेकिन यह कब होगा इसका अब तक कोई समय निर्धारित नहीं हुआ है।

वर्ष 2012 में इंडोनेपाल रेलखंड के अमान परिवर्तन की नींव रखी गयी थी। इसके लिए मेगा ब्लॉक लिया गया था। वर्ष 2012 से पहले इस रेलखंड पर नैरोगैज का रेल परिचालन होता था।

दो साल से ट्रेन इनरवा स्टेशन पर है खड़ी है ट्रेन
बीते दो वर्षों से भारत से सटे नेपाल के इनरवा स्टेशन पर दो नई ट्रेन परिचालन के लिए खड़ी हैं। ये ट्रेनें अब पुरानी होने लगी हैं। बिना चले ही ट्रेन के रिपेयरिंग की जरूरत हो गई है। इनका रंग उखड़ने लगा है। कई जगह पर कोच के शीशे भी दरके हुए हैं। हिन्दस्तान टीम ने बुधवार को जयनगर से नेपाल के इनरवा स्टेशन का जायजा लिया। टीम ने पाया कि दो साल से दो ट्रेन स्टेशन पर खड़ी हैं। कुछ भारतीय कर्मचारी (कोकण रेलवे) इन ट्रेनों का मेनटेनेंस कर रहे हैं।

750 करोड़ का है भारत—नेपाल रेल परियोजना
जयनगर से नेपाल के वर्दीवास तक 69 किमी की रेल परियोजना को तीन फेज में पूरा किया जाना है। इसमें 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले फेज में जयनगर से नेपाल के कुर्था तक भाया जनकपुर 34 किमी रेललाइन और स्टेशन का निर्माण पूरा हो गया है। दूसरे फेज में कुर्था से बिजलपुरा18 किमी तक रेल निर्माण कार्य चल रहा है। तीसरे फेज में बिजलपुरा से वर्दीवास तक 17 किमी पर आमान परिवर्तन का कार्य जारी है।

कुर्था तक आठ स्टेशन बनकर तैयार : जयनगर से कुर्था तक 34 किमी में आठ रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं। जयनगर, इनरवा, खजुरी, महिनाथपुर, बेदही, परवाहा, जनकपुरधाम व कुर्था नाम से आठ स्टेशन बने हैं। इन्हे भी जरूर पढ़ें

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