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पटना का दूसरा बस स्टैंड निर्माण का विरोध, जानिए क्या है मामला

 


बिहार की राजधानी पटना जिले के बिहटा में बन रहे दूसरे बस अड्डे के विरोध में किसानों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. इस दौरान किसानों ने कहा कि वो जान दे देंगे लेकिन सरकार को जमीन नहीं देंगे. दरअसल, पटना जिले के बिहटा के कन्हौली में बन रहे 50 एकड़ में जिले के दूसरे बस अड्डे के विरोध में कन्हौली के तमाम किसान एवं गांव के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. उन्होंने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. किसानों का साफ तौर पर कहना है कि सरकार ने हमारे साथ गलत किया है. गांव के तमाम कृषि भूमि को सरकार ने अधिग्रहण करने का फैसला किया है लेकिन इसे हम सभी लोग नहीं होने देंगे. किसानों ने कहा कि कृषि भूमि जमीन से हमारा पूरा परिवार कई पीढ़ी से खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है. इसी जमीन से हमारे परिवार का जीवन चल रहा है.

वहीं, कन्हौली गांव के एक किसान ने बताया कि सरकार की नजर हर वक्त गरीबों पर रहती है. सरकार जो जमीन बस स्टैंड बनाने के लिए अधिग्रहण कर रही है वह सभी जमीन कृषि एवं उपजाऊ जमीन है. साथ ही गांव के कई घरों को भी तोड़ा जा रहा है.

गांव की ही स्थानीय महिला ने बताया कि सरकार केवल गरीबों को मारने का काम कर रही है. जमीन लेने से पहले किसानों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बात तक नहीं की. कृषि जमीन के साथ-साथ गांव के कई घर को भी तोड़ा जाएगा. यह कभी होने नहीं देंगे.

उन्होंने आगे बताया कि कन्हौली मौजा के अलावा पास में बिशनपुरा ,पैनाठी में भी काफी जमीन है लेकिन वहां के जमीन सरकार नहीं ले रही है क्योंकि बिल्डर के द्वारा जमीन पहले से ही अधिग्रहण किया जा चुका है. हमारी मांगे हैं कि सरकार जो 50 एकड़ जमीन कन्हौली मौजा से ले रही है उसे वापस ले नहीं तो अपनी जान दे देंगे.

सरकार फैसला नहीं बदलती तो बड़ा किसान आंदोलन होगा

गौरतलब है कि पटना में बने बस अड्डे के दबाव को कम करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहटा के कन्हौली के पास पटना रिंग रोड प्रोजेक्ट के नजदीक 50 एकड़ में जिला का दूसरा बस अड्डा बनाने का निर्णय लिया है. ये प्रोजेक्ट कैबिनेट में भी पास हो चुका है. बिहार सरकार के इस फैसले के खिलाफ कन्हौली मौजा के तमाम किसान एवं ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं. अगर सरकार किसानों की बात नहीं सुनती है तो आने वाले समय में किसान बड़ा आंदोलन करने का निर्णय ले सकते हैं. 

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