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खड्ड के बहाव में फंस गई महिला, लगातार दो घंटे तक पेड़ की शाखा से चिपकी रही


कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। मानसून के इस रूप का कहर टूटा है सूबे के कांगड़ा जिले पर। जहां बादल फटने से भारी तबाही मची है। नाले उफान पर आ गए हैं जो अपने साथ गाड़ियों, मकानों, पेड़ों और पुलों समेत कई सारी चीजों को बहाकर ले जा रहे हैं। इस सब के बीच सूबे के कांगड़ा जिले से दो लोगों लापता होने की खबरें सामने आई हैं।

इसी तरह जिले मांझी खड्ड में आज सुबह ही पयूंगला देवी पत्नी प्रताप चंद निवासी जमानाबाद अपने खेतों में धान की रोपाई करने गई थी। जिसके पीछे उसका बेटा ओर बहु भी खेतों में काम करने निकल गए, लेकिन जब महिला अपने खेतों में काम कर रही थी तभी मांझी खड्ड में तेज बहाव से पानी आ गया। उसके तमाम खेत बह गए। लेकिन उसने बड़ी सुझबूझ के साथ काम लिया और पेड़ पर चढ़ गई। महिला लगातार दो घंटे पेड़ से चिपक कर बैठी रही।

यह सब देखकर बहू-बेटे ने अपने गांव के लोगों को फोन किया पर खुद वहीं पर खड़े रहे। थोड़े ही समय में गांव के लोग डोन्डू नाला को लांघकर जिसका बहाव बहुत तेज था उसे पार करके मांझी खड्ड के पास पहुंचे तो देखा कि उसका बेटा ओर बहु एक तरफ खड़े हैं और पयूंगला देवी पेड़ पर चढ़ कर चिपक कर बैठी है।

काफी देर इंतजार करने के बाद लोगों ने रेस्क्यू शुरू किया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, पर महिला काफी सदमे में थी। उसका बेटा और बहु भी सुरक्षित थे। इसके अलावा समीरपुर निवासी जगी जो कि ग्रीनहाउस में फंसा था उसे भी लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया। समीरपुर के लोगों की गऊशाला में फंसे पशुओं को भी परिवार ने लोगो के सहयोग से सुरक्षित निकाल लिया।

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