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Black Fungus से पीड़ित महिला की निकाल दी आंखें, गई जान.. हिमाचल/शिमला News

 Black Fungus से पीड़ित महिला की निकाल दी आंखें, गई जान.. हिमाचल/शिमला News

हिमाचल प्रदेश की राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में ब्लैक फंगस से एक और मरीज की मृत्यु हुई है। यह महिला मरीज नेर चैक मेडिकल कॉलेज रेफर हुई थी। एक मरीज की ब्लैक फंगस के लिए टोटल ऐलेक्टोमी सर्जरी की गयी है।

आईजीएमसी में हमीरपुर की रहने वाली इस महिला को आईजीएमसी में 20 मई को दाखिल किया था। ब्लैक फंगस का प्रदेश में यह पहली मरीज थी। अस्पताल पहुंचने के बाद महिला को आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया था।

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यहां महिला मरीज चिकित्सकों की निगरानी में थी। हालांकि, महिला का शुगर लेवल अधिक होने के चलते चिकित्सक शुरुआती दिनों में महिला मरीज की सर्जरी नहीं कर पाए थे, लेकिन हालत में हल्का सुधार होने के बाद चिकित्सकों ने महिला मरीज के आंखों के पास हुए फंगस के इलाज के दौरान एक आंख को भी निकाल दिया था।

महिला की हालत काफी गंभीर बनी हुई थी। इसके चलते महिला मरीज की मौत हो गई। यह जानकारी आई जीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक जनक राज ने आज यहां दी।

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उन्होंने बताया कि यह मरीज अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित गंभीर हालत होने के चलते उसे वेंटिलेटर पर दाखिल था। अब तक आईजीएमसी में ब्लैक फंगस से तीन मरीजों की मौत हो गई है जबकि पूरे प्रदेश में पांच लोग जांन गवां चुके है। उन्होंने बताया कि आईजीएमसी में दाखिल ब्लैक फंगस के मरीजों की जान बचाने के लिए चिकित्सकों को अब तक तीन मरीजों की एक-एक आंख निकालनी पड़ी है।

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उनका कहना है कि ऐसा नहीं करने से मरीजों की हालत और गंभीर हो सकती थी। यह मरीज लगातार चिकित्सकों की निगरानी में उपचाराधीन है। आईजीएमसी में मौजूदा समय में ब्लैक फंगस से पीड़ित 10 मरीज भर्ती हैं। इनमें हमीरपुर के रहने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। आईजीएमसी के ईएनटी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नाक में दिक्कत, नाक बंद होना, दाग धब्बा और तालू में समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।

जरा सी लापरवाही करने से यह बीमारी जानलेवा बन सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों को जंगल, गोशाला और अंधेरे वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा हमेशा धुला और साफ, मास्क पहन कर रखें। सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब इन मरीजों का शुगर बढ़ जाता है। ऐसे मरीज डॉक्टर के संपर्क में रहें और बिना जांच के कोई भी दवा नहीं लें।

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