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बिहार में यास चक्रवात ने तांडव मचाना किया शुरू, अलर्ट जारी -

यास चक्रवात ने नवादा में अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। यूं तो मंगलवार को ही तीसरे पहर के बाद हल्की बारिश के साथ इसकी आहट हो गयी थी। लेकिन बुधवार की सुबह से ही जिले के कई इलाकों में जारी हल्की और मध्यम बारिश ने जता दिया कि आने वाले तीन दिन संकटपूर्ण रह सकते हैं। हालांकि बुधवार को हिसुआ के कुछ इलाकों में दिन भर में दो से तीन बार तेज बारिश भी हुई।


बुधवार को तीन बजे तक जिले में पांच एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी। हालांकि बुधवार को तेज हवाएं नहीं चली। फिर भी 13 किमी वाली पुरवाई ने बारिश के साथ मिल कर मौसम को ठंडा बनाए रखा। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि मौसम वैज्ञानिक रौशन कुमार ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री रहा जबकि न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री बना रहा।

गुरुवार और शुक्रवार पड़ सकता है जिलेवासियों के लिए भारी
मौसम वैज्ञानिक रौशन कुमार ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवाती तूफान यास का असर 26 मई से दिखने लगा है। जिसका असर 30 मई तक रहने के आसार बने हुए हैं। इस दरम्यान नवादा जिले में मध्यम से तेज पूर्वी हवा चलेगी जिसकी रफ्तार 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा के रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

जिले के कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका है। हालांकि जिले के लिए यह राहत की बात है कि अब इसे ऑरेंज अलर्ट जोन की जगह येलो अलर्ट जोन में रखा गया है। यानी अब भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना नहीं है जबकि 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार वाली हवा चलने के भी आसार कम दिख रहे हैं।

सावधान रहने की दी गयी चेतावनी
हालांकि मौसम विभाग ने इसके बाद भी चेतावनी जारी की है और लोगों से कहा है कि किसी भी हाल में घर से बाहर न निकलें। आवश्यक होने पर अगर बाहर निकलने की बाध्यता है तो कहीं भी पेड़, बिजली के पोल अथवा किसी नुकीले लोहे के चीजों के नीचे खड़े न रहें। जर्जर मकान व दीवार के पास बिल्कुल भी न रहें। कोशिश रहे कि घरों के ऊपरी तल की जगह नीचे के तल पर रहा जाए।

खेत खलिहान में यदि तैयार फसल रखे पड़े हैं तो उसे सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था कर ली जाए। खड़ी फसलों में मुख्य रूप से मूंग और उड़द के खेत से बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था कर ली जाए। इस दौरान पशु को भी सुरक्षित स्थान पर रखें तथा सावधानी बरतें। बुजुर्गों और बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। 

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