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बिहार में परिवारिक बंटवारे के हैं तीन नियम

 

न्यूज डेस्क: बिहार में प्रतिदिन किसी ना किसी घर में परिवारिक बंटवारा होता हैं। लेकिन कई बार बंटवारे के बाद भी भाईयों में आपसी सहमति नहीं बन पाती हैं। जिसके कारण भाईयों के बीच तनाव बना रहता हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे परिवारिक बंटवारे के नियम के बारे में ताकि सभी लोगों को इसके बारे में सही जानकारी मिल सके।

1 .रजिस्ट्री बंटवारा: परिवारिक बंटवारे में रजिस्ट्री बंटवारा सबसे अच्छा माना जाता हैं। क्यों की ये बंटवारा कोर्ट और अंचल के माध्यम से होता है। इससे लड़ाई-झगड़े होने की संभावना नहीं होती हैं। इसमें कोर्ट और अंचल तय करती हैं की कौन जमीन किसको मिलेगा।

2 . पंचायत सहमती बंटवारा: यह बंटवारा ग्राम पंचायत के सरपंच और पंच के माध्यम से किया जाता हैं। ये बंटवारा भी आपसी सहमती की ही तरह होती हैं। इस बंटवारे में ज्यादा तर सरपंच और पंच पर भेदभाव करने का आरोप लगता रहता हैं।

3 .आपसी सहमती बंटवारा: यह बंटवारा घर के सभी सदस्य साथ मिल कर करते हैं। लेकिन इस बंटवारा में लड़ाई-झगड़े की सम्भावना सबसे ज्यादा होती हैं। अगर परिवार के सभी सदस्य ठीक हैं तो बंटवारा अच्छे से हो जाता हैं। लेकिन कई बार आपसी सहमति से बंटवारे का झगड़ा वर्षों तक चलता रहता हैं। 

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