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उत्तराखंड के कई जिलों में मिले ब्लैक फंगस के 42 मरीज, दो की मौत

 

देशभर में कोरोना की दूसरी लहर के जारी कहर के बीच कई हिस्सों में ब्लैक फंगस यानि म्यूकोरमाइकोसिस के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. उत्तराखंड में अब तक ब्लैक फंगस के 42 मामले सामने आ चुके है. इनमें से दो की मौत हो गयी है.



एम्स ऋषिकेश के पीआरओ डॉ हरीश थपलियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में ब्लैक फंगस के अब तक सामने आए कुल 42 मामलों में दो मरीज अपनी जान गंवा चुके है. वहीं, इलाज के बाद एक मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है. जबकि, 39 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि इनमें से 26 मरीजों को सर्जरी की जरूरत पड़ी है.

जानकारी के मुताबिक, इससे पहले बीते शुक्रवार को ऋषिकेश एम्स में 36 साल के एक व्यक्ति की इस बीमारी से जान चली गई थी. इस बीच राज्य सरकार ने इस बीमारी के उपचार में इस्तेमाल होने वाले एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के उचित उपयोग के आदेश जारी किए हैं. वहीं, उत्तराखंड में रुड़की के लिब्बरहेडी गांव में कोविड जैसे लक्षणों से ग्रस्त लगभग 30 लोगों की मौत के गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है. एसडीएम रुड़की शैलेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक, अधिकांश मौतें नेचुरल हैं. टेस्टिंग और सेनेटाइजेशन किया जा रहा है. गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है.

उत्तर प्रदेश में भी ब्लैक फंगस के मामले बढ़ने की खबर है. अलीगढ़ में सीएमओ डॉ़ बीपी कल्याणी ने बताया कि ब्लैक फंगस के यहां दो मामलों की सूचना है. लखनऊ से हमें कल तक दवाएं मिल जाएंगी. तब तक हम जो दवा दे सकते हैं, उनसे काम चला रहे हैं. इन सबके बीच, सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में म्यूकोर्माइकोसिस के 40 मरीजों के भर्ती होने की खबर मिल रही है, जबकि 16 अन्य लोग बेड के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली एम्स में ब्लैक फंगस के 75-80 मामले, मैक्स अस्पताल में 50 मामले, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में दस मामले सामने आए हैं. उधर, राजस्थान सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया है.

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