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प्रवासियों की 17 झुग्गियां राख, 6 लाख का नुक्सान - Una



जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांव बरनोह में मंगलवार को आग की घटना में प्रवासी मजदूरों की 17 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। झुग्गियों में आग लगने से हजारों रुपए, विभिन्न दस्तावेज, बच्चों की किताबें-कापियां, राशन, कपड़े व अन्य सामान जलकर राख हो गया। आग की इस घटना में करीब 6 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है। आग इतनी भयंकर थी कि आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 2 गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक जिस समय झुग्गियों में आग लगी तो उस समय प्रवासी मजदूर काम पर गए हुए थे। जैसे ही झुग्गियों में आग की सूचना इन मजदूरों को लगी तो वे तुरंत घर लौटे लेकिन तब तक काफी कुछ जलकर राख हो चुका था। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

बरनोह में जिस जगह प्रवासियों की झुग्गियों में आग लगी वहां हालात काफी खराब थे। प्रवासी मजदूर, महिलाएं व बच्चे अपने आशियाने जलते हुए देखकर फूट-फूट कर रो रहे थे। जब झुग्गियों में आग लगी और मजदूर वापस लौटे तो जो झुग्गियां आग की चपेट में नहीं आई थीं वहां से प्रवासी मजदूरों ने सामान निकालकर थोड़ी दूरी पर रख लिया था। जब आग शांत हो गई तो प्रवासी मजदूर राख में से आलू, आटा व अधजले सामान को बाहर निकाल रहे थे। कई मजदूर अपनी जली हुई करंसी भी लेकर बाहर निकले। उनका भी रो-रो कर बुरा हाल था।


अधजली स्कूल वर्दी को देखकर मायूस हुआ बच्चा
एक प्रवासी मजदूर के बच्चे ने ट्रंक में अपने कपड़े व स्कूल की वर्दी रखी हुई थी। इनका आशियाना भी आग की भेंट चढ़ गया था। आग जब शांत हुई और उसने ट्रंक खोला तो उसमें उसकी वर्दी अधजली थी। यह विद्यार्थी अपनी जली हुई वर्दी को देखकर बेहद मायूस था। प्रवासी मजदूरों के कई बच्चे स्कूल भी गए हुए थे। वर्दी पहने जब ये बच्चे स्कूल से वापस लौटे तो अपने जले हुए आशियाने देखकर काफी मायूस दिखाई दिए।

जोड़-जोड़ कर जमा किए थे रुपए
बरनोह में झुग्गियां बनाकर रह रहे बिहार के मुंगेर जिला के मजदूर काजल सिंह ने बताया कि उसने अपनी झुग्गी में करीब 20 हजार रुपए रखे थे जो जल गए हैं। उसके आधार कार्ड सहित कई अन्य दस्तावेज भी इस आग की भेंट चढ़ गए, वहीं सीता पत्नी लाली ने बताया कि उसने जोड़-जोड़ कर 10 हजार रुपए जमा किए थे। उनकी झोंपड़ी में भी जब आग लगी तो वह अपनी जमा पंूजी को भी नहीं बचा पाए।

इन मजदूरों का हुआ नुक्सान
प्रवासी मजदूरों दलीप चंद पुत्र राम अवतार, गणेश सिंह पुत्र मिसरी चंद, काशी भगत पुत्र सूरज सिंह, जामन सिंह पुत्र ओ.पी. सिंह, अनिल सिंह पुत्र वन्देश्वर सिंह, पिंकू सिंह पुत्र गणेश सिंह, मीना देवी पत्नी नरेश सिंह, बिट्टू सिंह पुत्र विजय कुमार, अशोक माथुर पुत्र नरेश माथुर, नेन्तू मंडल पुत्र नंद किशोर, मंटू सिंह पुत्र लाली सिंह, संजय मंडल पुत्र वीर मंडल, प्रकाश सिंह पुत्र धर्मदेव सिंह, बबलू पुत्र नरेश, सुलो सिंह पुत्र मेला सिंह, इन्द्र सिंह पुत्र शंकर सिंह की झुग्गियां भी जल गईं। इन प्रवासी मजदूरों ने बताया कि आग की इस घटना में उनका काफी नुक्सान हुआ है।

फायर ऑफिसर अग्निशमन केंद्र ऊना नितिन धीमान का कहना है कि बरनोह में आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन केंद्र ऊना से 2 गाडिय़ों को मौके पर भेजा गया। इसमें उनके सहित लीङ्क्षडग फायरमैन बलवीर सिंह, गगन सिंह, चप्पे राम, फायरमैन रामपाल, मुकेश कुमार, राकेश कुमार, पवन कुमार, ड्राइवर सतनाम सिंह व नवीन कुमार मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। आग की इस घटना में 6 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है। इस दौरान 20 झुग्गियों को जलने से बचाया गया है जबकि 17 झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं।

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