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अप्रैल तक सताएगा बर्ड फ्लू, रोजाना 300 से 350 पक्षियों के मरने का सिलसिला जारी



हिमाचल में बर्ड फ्लू का वायरस अप्रैल महीने तक रहेगा। तीन महीने तक रहने वाले इस वायरस को लेकर वन विभाग ने प्लान तैयार कर लिया है। वाइल्ड लाइफ विंग ने निर्णय लिया है कि पौंग डैम के 207 स्क्वायर किलोमीटर एरिया पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी, ताकि कहीं भी अगर कोई मरा हुआ पक्षी दिखाई देता है, तो तुरंत वहां पर टीम पहुंचेगी। इसके अलावा वन विभाग टीम ने अपनी रैपिड रिस्पांस टीम के लिए जरूरी सामान की लिस्ट तैयार कर ली है। फंड के लिए प्रोपोजल भेजा जा रहा है, जिसके बाद उपकरण खरीदे जाएंगे।

पीपीसीएफ वाइल्ड लाइफ अर्चना शर्मा ने डीएफओ हमीरपुर समेत अन्य अधिकािरयों के साथ मौके का जायजा लिया है। वायरस को लेकर उन्होंने रणनीति तैयार की है, जिसमें यह कहा गया कि अभी अप्रैल माह तक प्रवासी पक्षी यहीं रहने वाले हैं। ऐसे में यह वायरस भी यहीं पर रहेगा। वायरस को बाहर फैलने से रोकने के लिए वन विभाग प्लान तैयार कर रहा है। झील में रोजाना 300 से 350 पक्षियों के रोजाना मरने का सिलसिला जारी है। सभी जिलों के डीएफओ को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग की 10 टीमों के 55 कर्मी झील के एरिया के आसपास से मरे हुए पक्षियों को हटा रहे हैं। इन्हें वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज ऑफ किया जा रहा है। अब जब वायरस यहां तीन महीने तक रहेगा, इसके लिए गठित आरआरटी टीम के लिए सामान भी खरीदा जाना है। टीम के लिए गाडि़यां, ड्रोम कैमरे समेत लेबर हायर की जानी है। इसके अलावा अन्य उपकरण जिनकी जरूरत होगी, वे भी लिए जाएंगे। कर्मचारियों को सतर्कता बरतने को कहा गया है।

गुगलाड़ा, नगरोटा सूरियां में ज्यादा मर रहे पक्षी

कांगड़ा के गुगलाड़ा और नगरोटा सूरियां में सबसे ज्यादा पक्षियों के मरने की सूचनाएं मिल रही है। यहां पक्षियों को दबाने के लिए ट्रैक्टर लगाए गए हैं। रेंट पर उन्हें हायर किया गया है। इन्हीं में डालकर पक्षियों को यहां पर डिस्पोज करने की जगह ले जाया जा रहा है। बाकी जगह पर कर्मी हाथ से पक्षियों को उठाकर ला रहे हैं।

रोटेशन में लगाई जाएगी वन कर्मियों की ड्यूटी

वन विभाग ने निर्णय लिया है कि झील में रोटेशन पर वन कर्मियोंं की ड्यूटी लगाई जाएगी। ऐसा करने से कर्मियों में वायरस के फैलने का खतरा कम रहेगा। इसी के साथ कर्मियों को टेमी फ्लू दवा भी मुहैया करवा दी गई है, ताकि वायरस से बचा जा सके।

सोलन में सड़क किनारे मरे मुर्गे फेंकने से दहशत

सोलन। कालका-शिमला एनएच पर मिले सैकड़ों मृत मुर्गों के डर से अभी लोग बाहर निकले भी नहीं थे कि गुरुवार को भी शरारती तत्त्व उसी स्थान पर मृत मुर्ग फेंक गए। इसके चलते लोग बर्ड फ्लू फैलने की आशंका से सिहर उठे हैं। तहसीलदार कसौली ने मौके का दौरा कर स्थिति पर चिंता जताई है और लोगों को संयम रखने को कहा है।

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