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मंडी के नेरचौक अस्पताल में कोरोना से 6 की मौत, 137 नए पॉजिटिव केस


मंडी जिला के श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं कोविड अस्पताल नेरचौक में वीरवार को कोरोना से 6 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें 3 मंडी और 3 बिलासपुर के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार कंसा चौक निवासी 30 वर्षीय युवक को नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 29 नवम्बर को भर्ती किया गया था जिसकी वीरवार सुबह 8 बजे मौत हो गई। वह अन्य बीमारियों से भी पीड़ित था, वहीं घुमारवीं के नाल्टी निवासी 79 वर्षीय महिला को 23 नवम्बर को भर्ती किया गया था जिसने भी सुबह दम तोड़ा। इसके अलावा घुमारवीं के लुरहानी की 70 वर्षीय वृद्धा की भी सुबह साढ़े आठ बजे कोरोना से मौत हो गई।


वहीं मंडी शहर के रामनगर निवासी 70 वर्षीय वृद्ध ने भी दोपहर करीब 2 बजे कोरोना से दम तोड़ दिया। इसके अलावा सराज की बाड़ा के जोंट निवासी 38 वर्षीय युवक की भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो गई। देर शाम बिलासपुर के शाहतलाई से एक 70 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला को नेरचौक कोविड अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन गेट पर ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंडी जिला में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 93 पहुंच गया है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीवानंद चौहान ने 6 मौतों की पुष्टि की है।

जिला में वीरवार को बिजली बोर्ड के उत्पादन कार्यालय सुंदरनगर के एक सहायक अभियंता, बीबीएमबी अस्पताल के एक चिकित्सक, नगर परिषद सुंदरनगर के 5 कर्मियों समेत जिला भर में कोरोना संक्रमण के 137 मामले आए हैं, जिसमें 14 मामले रैपिड एंटीजन के हैं। सुंदरनगर उपमंडल में सर्वाधिक 47 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। नप सुंदरनगर की कार्यकारी अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जांच में 5 अन्य कर्मी भी पॉजिटिव पाए गए हैं जिसके चलते नप कार्यालय को 2 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा नाचन हलके के रियोसी जहल, नौंग्राम, ख्योड़, गणई, बाग सेगली, सनसोट में 10, सरकाघाट के बलद्वाड़ा में 10 व जोगिंद्रनगर के हराबाग, चौंतड़ा व मैनभरोला में 8, पधर में 12 व पंडोह कस्बे में 4 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला समय पूर्व सफल प्रसव

नेरचौक मेडिकल कॉलेज के स्त्री व बाल रोग विशेषज्ञों ने जिला कुल्लू के सैंज की एक कोरोना संक्रमित महिला का सफल प्रसव करवा जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचाई है। महिला का प्रसव समय से करीब डेढ़ माह पहले हुआ है। इसकी जानकारी नेरचौक मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीवानंद चौहान ने दी है।

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