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इंदौरा में 27 नकली BPL परिवारों ने गटका लाखों का सस्ता राशन


उपमंडल इंदौरा के अंतर्गत प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुसार खाद्य आपूर्ति विभाग ने 27 ऐसे लोगों की शिनाख्त की है, जिन्हें नियमों को ताक पर रखकर बीपीएल में शामिल किया गया था और उन्होंने अब तक लाखों रुपए के सस्ते राशन का लाभ गटक लिया है। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें से कई लोग न केवल सरकारी नौकरी में तैनात हैं बल्कि कई तो बड़े पदों पर आसीन हैं, जिन्हें गलत तरह से गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की सूची में शामिल कर बीपीएल का राशन कार्ड बनाया गया था लेकिन प्रशासन ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने जा रहा है और अब ऐसे लोगों से उनके द्वारा लिए गए सस्ते राशन के लाभ की रिकवरी राशि भरनी होगी और रिकवरी राशि न भरने की स्थिति में उनके विरुद्ध कानूनी कारवाई अमल में लाई जाएगी।

इस संदर्भ में एसडीएम इंदौरा सोमिल गौतम ने बताया कि उन्होंने व खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पैक्टर मनोज मेहरा ने उपमंडल इंदौरा के विभिन्न गांवों में संबंधित पंचायत सचिवों एवं पंचायत सहायकों को ऐसे परिवारों की पहचान करने के निर्देश दिए थे जो विभिन्न सरकारी पदों पर तैनात हों या विभिन्न विभागों में सरकारी ठेकेदार के रूप में काम करते हों अथवा जिनकी आय व संपत्ति के अनुसार वे बीपीएल परिवारों की श्रेणी में न आते हों और बावजूद इसके उन्हें बीपीएल की श्रेणी में शामिल किया गया हो। उन्होंने बताया कि शिमला से प्राप्त हुई सूची व कुछेक पंचायत सचिवों द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर अब तक 27 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जो गलत तरीके से सस्ते राशन का उपभोग करते रहे थे, जिनसे रिकवरी राशि वसूल की जा रही है।

17 लोगों से 2.33 लाख रुपए की रिकवरी, 10 को भेजे नोटिस

एसडीएम इंदौरा सोमिल गौतम के अनुसार शिमला से प्राप्त के आधार पर 29 नकली बीपीएल परिवारों की पहचान हुई थी। पहले प्राप्त हुई 5 लोगों की सूची में से 2 लोग ऐसे पाए गए जो सरकारी पदों पर आसीन हैं और उनके नाम पर बीपीएल कार्ड बनाए गए हैं लेकिन उन्होंने कभी भी सहकारी डिपो से राशन लिया ही नहीं जबकि 3 अन्य से 65 हजार रुपए की राशि रिकवरी की गई है तथा अन्य 24 लोगों में 14 लोगों से 1 लाख 68 हजार 267 रुपए की रिकवरी की गई है और इन सभी के राशन कार्ड को बीपीएल श्रेणी से हटाकर एपीएल में कर दिया गया है जबकि अन्य लोगों को रिकवरी राशि भरने हेतु नोटिस भेज दिए गए हैं और यदि अगले 7 दिनों के भीतर उन्होंने राशि जमा न करवाई तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कारवाई अमल में लाई जाएगी।

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