कोरोना की भेंट चढ़ी स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताएं




कोरोना के कारण स्कूली बच्चों की ऑफ लाइन पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधि भी प्रभावित हुई है। स्थिति ऐसी है कि शिक्षा विभाग को भी अभी तक स्कूली खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता आयोजित किए जाने संबंधी कोई भी सूचना प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि इस वर्ष स्कूल खेल का जीरो ईयर होगा। ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई के साथ ही खेलकूद प्रतियोगिताएं भी कोरोना की भेंट चढ़ गई है। 

शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताएं इस बार अभी तक नहीं हो सकी है। खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्कूलों में शिक्षा विभाग हर साल बच्चों के लिए खेल प्रतियोगिता कराता है जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अपनी खेल प्रतिभाओं के प्रदर्शन का मौका मिलता था लेकिन कोरोनाकाल में संपूर्ण प्रदेश में विभागीय खेलकूद गतिविधियां अभी तक न होने से काफी संख्या में खिलाड़ी खेलने से वंचित रह गए। 

हर साल शिक्षा विभाग कई तरह की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन ब्लॉक, जिला व राज्यस्तर पर करता है। ब्लॉक स्तर पर खेलें जून माह से शुरु हो जाती थी तथा नवम्बर महीने से प्रदेश स्तरीय खेलें शुरु हो जाती थी। यहां पर जो खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं वे राष्ट्रीय स्तर पर भी जाते हैं लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला। शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न आयु वर्गों की खेल प्रतियोगिता का आयोजन न होने से खिलाड़ियों में मायूसी छायी है। खिलाड़ी छात्र-छात्राओं का कहना है कि खेल गतिविधियां भी बंद होने से शारीरिक फि टनेस पर भी प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि बच्चे गलियों में खेलते देखे जा रहे हैं लेकिन उन्हें उचित मार्गदर्शन प्राप्त नहीं हो पा रहा है।

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