चप्पलों की बारिश: लोगों ने विधायक का किया ऐसे स्वागत, जानें पूरा मामला



अमरावती: भारी बारिश और बाढ़ के चलते अमरावती की जनता ने काफी मुश्किलों का सामना किया। तेलंगाना में बीते दिनों हुई भारी बारिश में लोगों का बहुत नुकसान हुआ। सरकारी आंकड़े में बताया गया है कि लगभग 5,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से कहा गया है कि भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और इसके चलते अलग-अलग हादसों में 50 लोगों की मौत हो गई।

विधायक पर फेकें चप्पल
बता दें कि राज्य के इब्राहिमपटनम में भी कई इलाकों को भारी बारिश और बाढ़ की वजह से काफी जान और माल का काफी नुकसान हुआ है। यहां की ताजा स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंचे विधायक और उनके समर्थकों को स्थानीय लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। लोगों ने उनपर चप्पलों की बरसात कर दी। मिली जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार की है।

इस घटना का वीडियो भी वायरल हो गया
बताया जा रहा है कि इब्राहिमपटनम के विधायक मचीरेड्डी किशन रेड्डी और अन्य टीआरएस कार्यकर्ता जब बाढ़ प्रभावित मेडिपल्ली क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उन पर चप्पल फेंकी। इतना ही नहीं लोगों ने विधायक की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो गया।

बाढ़ में कम से कम 50 लोगों की मौत
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मूसलाधार बारिश और अचानक आयी बाढ़ में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई। वहीं ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) क्षेत्र में 11 लोगों की मौत हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राहत का आग्रह
अनुमान के आधार पर राव ने कहा कि बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक आयी बाढ़ के कारण राज्य में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।राव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए तुरंत 1,350 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया है।

राहत और बचावकार्य जारी
दूसरी ओर भीषण बारिश से प्रभावित हैदराबाद और अन्य स्थानों में राहत अभियान गुरुवार भी जारी रहा। मूसलाधार बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ आ गई और संपत्ति तथा खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा। राज्य के मुख्य सचिव सौमेश कुमार ने बताया कि राहत दल उन इलाकों से पंप के जरिए पानी को निकाल रहे हैं जहां जलभराव हो गया था। साथ में वहां लोगों की मदद कर रहे हैं तथा यातायात को बहाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 61 राहत केंद्रों का संचालन किया जा रहा है तथा जरूरत पड़ने पर और केंद्र खोले जा रहे हैं।
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