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एक कुत्ता रोज़ खिड़की से बाहर देखता रहता था, फिर मालकिन को पता चली यह विचित्र बात




जानवर खास कर कुत्तों की सूंघने की शक्ति काफी तेज़ होती है. वह किसी भी खतरे को अपनी ओर आता देख कर पहले ही भौंकने लग जाते हैं. वहीँ आज हम आपको एक ऐसे कुत्ते की कहानी बता रहे हैं, जिसने अपने घर की मालकिन को बड़े खतरे से बचा लिया. यह कहानी है एम्बर के कुत्ते बिल की. बिल एक बेहद समझदार कुत्ता था. लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह लगातार खिड़की से बाहर घूर कर देख रहा था. आखिर खिड़की के बाहर ऐसा क्या था जो बिल दो घंटे एक टक उसे घूरता रहता था. यह बात अंदर से एम्बर को काफी परेशान कर रही थी. वह जब भी सच का पता लगाने के लिए उस खिड़की से बाहर देखती तो वहां उन्हें पड़ोसी के घर का कमरा दिखाई देता. लेकिन जब एम्बर को सच्चाई का पता चला तो वह चाह कर भी यकीन नहीं कर पा रही थी.

हालाँकि कुत्ते अक्सर खिड़की से बाहर देखते ही हैं यह स्वभाविक बात है. लेकिन बिल का व्यवहार कुछ अटपटा सा लग रहा था. वह बीमार भी नहीं था और अपना खाना भी ठीक से खाता था. लेकिन जब भी एम्बर घर के कामों में व्यवस्त होती तो वह घंटों उस खिड़की से बाहर झांकता रहता. आखिर उस खिड़की में ऐसा क्या था जो बिल वहां से हिलने को तैयार नहीं था? यह सवाल अंदर ही अंदर एम्बर को काफी परेशान कर रहा था. आखिरकार उसने एक दिन इस राज से पर्दा उठाने की ठान ही ली.

एक बार बिल उस खिड़की से बाहर झाँक रहा था. तभी एम्बर ने उसे सैर के बहाने बाहर ले जाने की कोशिश की. लेकिन बिल ने बाहर जाने का विरोध किया और वहीँ एकटक देखता रहा. आखिर यह सब क्या चल रहा था, एम्बर भी देख कर हैरान थी. इस रहस्य की गुत्थी को सुलझाने के लिए एक दिन एम्बर ने ऑफिस से छुट्टी ले ली और घर ही रहने का फैसला किया ताकि वह बिल की हरकत पर नजर रख सके. तभी उसको एक अविश्वसनीय चीज़ पता चली.



जब एम्बर टीवी देख रही थी तो बिल खिड़की से बाहर देखने लगा. तभी एम्बर ने नोटिस किया कि खिड़की के सामने वाले पड़ोसी के घर में एक बिल्ली कमरे की खिड़की पर बैठी बिल की तरफ देख रही थी. लेकिन कुत्ते और बिल्ली एक दुसरे के दुश्मन होते हैं. ऐसे में लगातार दो घंटे तक आखिर वह एक-दुसरे को ऐसे कैसे देख सकते हैं? पड़ोसी के घर जा कर एम्बर ने देखा कि वह बिल्ली भी दूर से बैठ कर बिल की तरफ घूर रही होती है.



दोनों को देख कर यह बात साफ़ थी कि कुछ बात तो तो थी जो वह इतने समय से ऐसे एकटक देखते चले जा रहे थे. लेकिन फर्क इतना था कि बिल्ली बिल से छिपकर घूर रही थी. पड़ोसी के घर में एक बूढा आदमी अकेला रहता था. घबराहट के साथ एम्बर ने घर के दरवाज़े को नॉक किया. बूढ़े व्यक्ति के दरवाज़ा खोलते ही एम्बर ने उससे एक सवाल पुछा. जिस पर आदमी ने जवाब दिया कि उसकी बिल्ली भी कईं घंटों तक ऐसे ही खिड़की पर बैठी बाहर देखती रहती है. हालाँकि बिल और बिल्ली दोनों कभी एक दुसरे से मिले नहीं थे इसलिए यह बात एम्बर को थोड़ी अजीब लग रही थी.



तभी दो घरों के बीच में बना एक स्तंब उनका ध्यान आकर्षित करता है. उस पर रखा 80 किलो का फूलदान गिर कर टूट जाता है. आखिर वह फूलदान किस चीज़ से टकरा कर गिरा, यह बात एम्बर को परेशान करती है. उसे लगता है कि शायद कोई चोर था जो उनके घर से जरूरत की चीज़ें चोरी करके भाग रहा था और फिर उसके स्तंब से टकराने से वह फूलदान नीचे गिर गया. और शायद यह वही चोर था जिसको रोज़ बिल और पड़ोसी की बिल्ली एकटक रोज़ घूरते रहते थे. एम्बर तुरंत पुलिस को सूचित करती है कि उनके घर कोई अज्ञात व्यक्ति घुस आया था इसलिए वह जल्दी से घर पहुंचें.



लेकिन जब पुलिस ने आ कर तलाशी ली तो वहां उन्हें कोई निशान या सबूत नहीं मिला. तभी बिल और पड़ोसी की बिल्ली घर से तेज़ी से भागते हुए बहर जंगल की ओर निकल गए. एम्बर और पड़ोसी दोनों अपने अपने पेट्स का पीछा करते हुए जंगल के रास्ते पहुँच गए. वहां जा कर एम्बर ने देखा कि बिल एक जगह स्थिरता से बैठा हुआ था. उसको स्पष्ट रूप में कुछ दिखाई दिया था. यह दूर से परछाई से एक बड़ा आदमी लग रहा था. लेकिन असल में यह कोई आदमी नहीं बल्कि एक विशाल ग्रिजली भालू था जोकि दूर से गरजता हुआ आगे बढ़ रहा था.



ग्रिजली कोई छोटा भालू नहीं बल्कि बेहद खतरनाक भालू होता है. तभी बिल और पड़ोसी की बिल्ली अपनी-अपनी आवाज़ में चिल्लाने लगते हैं. दरअसल, यह भालू चोटिल था. कुछ दिनों से मौसम खराब होने के कारण एक पेड़ उस भालू की टांग के ऊपर गिर गया था जिससे वह ज़ख़्मी हो गया था और गुस्से में कराह रहा था. तभी एम्बर ने जानवर सुरक्षा केंद्र को इस मामले की जानकारी देते हुए वहां बुलवा लिया और वह बिल को घर ले कर वापिस चली गई.



लेकिन हैरत की बात यह थी कि अगर वह भालू जंगल में था तो बिल आखिर घर की खिड़की में रोज़ किस चीज़ को देखता था? तभी घर के तहखाने की तरफ से एम्बर को अजीबोगरीब आवाज़ सुनाई दी. वह भाग कर वहां पहुंची तो वहां उसे एक मादा भालू दिखाई दी. वह अकेली नहीं थी अपने पैरों में उसने दो छोटे भालू के शावकों को आश्रय दिया था जोकि कैन में से बीन्स निकाल कर खा रहे थे. यानि ज़ख़्मी भालू अकेला यहाँ नही आया था बल्कि मादा भालू भी अपने नन्हे भालुओं को जन्म देने के बाद खाना ढूँढने के लिए वहां रोज़ आती थी.



तभी एम्बर ने सुरक्षा सेवाओं वालों को कॉल किया और वह उस मादा समेत उसके बच्चों को साथ ले गए. नर भालू का नाम उन्होंने बोरिस रख दिया था. बोरिस अब ठीक हो रहा था और उसे रहने के लिए नया घर भी मिल गया था. एम्बर और बिल बोरिस के परिवार से मिलने अक्सर आया करते थे.
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