शादीशुदा दरोगा ने युवती से जबरन रचाई शादी, फिर साथी पुलिसवालों संग इज्जत लूटी, अब दे रहा...



लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में महिलाओं और लड़कियों पर अत्याचार व यौन शोषण के मामलों का प्रतिशत कम होना बताया जाता रहा है, योगी आदित्यनाथ खुद मंचों से दावा करते हैं कि उनके राज में अपराधों पर लगाम लगी है। सरकार लगातार इसे कन्ट्रोल करने को लेकर भी प्रयासरत है, लेकिन सरकार की पुलिस ही योगी आदित्यनाथ की साख पर पलीता लगा रही है। रक्षक ही भक्षक बन गया है। आम अपराधी तो छोड़िये ड्रेस वाले गुण्डों पर लगाम ढ़ीली पड़ रही है, जिसके चलते किसी इंस्पेक्टर के पास अकूत सम्पत्ति निकल रही तो किसी का अवैध सम्बंधों का जिन्न बाहर आ रहा है।

एक ऐसा ही मामला सामने आया है जनपद औरैया के सहायल थाने में। यहां तैनात एक दरोगा ने शपथ, संविधान, चरित्र नाम की सभी हदें पार कर दी हैं। दरोगा ने न सिर्फ महिला का यौन शोषण किया, बल्कि शिकायत करने पर उसे जेल भेजने की धमकी भी दे रहा है।

जानकारी के मुताबिक थाना सहायल में तैनात दरोगा संतोष कुमार मिश्र के सीयूजी नंबर पर एक पीड़िता का फोन आता है। पूरे खेल का ताना बाना इसी आई एक कॉल के बाद बुना गया। दरोगा साहब ने यह नम्बर अपने सीयूजी नंबर से निकालकर अपने पर्सनल नंबर पर ले आते हैं।

उक्त पीड़िता से दरोगा संतोष मिश्रा की बात शुरू हो जाती है। धीरे धीरे बातचीत के बाद संतोष मिश्रा युवती को प्रेमजाल में फंसाने की कोशिश करता है। कुछ एक नाकाम कोशिशों के बाद लड़की सिर्फ दोस्ती के लिए राजी होती है। अपनी हर एक कोशिश में नाकाम होने पर दरोगा मिश्रा अपनी झूठी बीमारी का बहाना बनाकर पीड़िता को धोखे से कानपुर ले आता है। दरोगा ने युवती से कहा कि वहां तुम अपने रिश्तेदार के यहाँ चली जाना और मैं अपने आवास पर रुक जाऊंगा।



पीड़िता का आरोप है कि कानपुर पहुँचने के बाद दरोगा उसे सरकारी आवास पर न ले जाकर प्राइवेट आवास में ले जाता है और वहां उसका यौन शोषण किया जाता है। आरोप यह भी है कि यौन शोषण करने के बाद पीड़िता पर शादी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया जाता है। शादी से इंकार करने पर दरोगा ने खुद को गोली मार लेने की धमकी दी। युवती के मुताबिक उसे शादी के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद मंदिर में ले जाकर शादी कर ली। लेकिन अभी तक युवती को यह नहीं पता था कि दरोगा संतोष कुमार मिश्रा पहले से शादीशुदा थे।

जब इस बात की जानकारी पीड़िता को हुई तो उसने 6 अप्रैल 2019 को कोतवाली औरैया में मुकदमा पंजीकृत कराया। थाना औरैया में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दरोगा संतोष कुमार मिश्रा और उसके साथी पुलिसकर्मी बार-बार युवती पर बयान बदलने का दबाव डालते रहे और बयान न बदलने पर जान की धमकी देते रहे। दरोगा युवती की अश्लील फोटो भी सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देता रहा, जिसके एक दिन बाद लड़की को जबरन रूरा से अकबरपुर के बीच से उठा लिया जाता है, और सिकन्दरा स्थिति प्राइवेट आवास में रखा।



लड़की का आरोप है कि यहां लाकर दरोगा सन्तोष मिश्रा व उनके साथ मौजूद चार-पांच लोगों ने नशीली दवाएं खिलाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया तथा जान से मारने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं दरोगा संतोष मिश्रा ने लड़की को झूठे आरोपों में जेल भेजने की भी योजना बना रहा था, जिसके बाद पीड़ित युवती ने औरैया पुलिस के चौखट पर लगातार चक्कर काटे, लेकिन अमानवीय औरैया पुलिस से उसे न्याय नहीं मिला। और तो और औरैया पुलिस ने कार्यवाही से मना करते हुए पीड़ित युवती को थाने से भगा दिया।

न्याय न मिलने से आहत पीड़ित युवती ने 15 सितंबर 2020 को डीजीपी कार्यालय कानपुर देहात में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। बावजूद इसके आज तक भी पीड़ित युवती को न्याय नहीं मिल सका है। अब ऐसे में योगी सरकार आखिर किस खाकी के बूते महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा करने का बीड़ा उठाकर कड़े निर्देश देती हैं, लेकिन वही खाकी महिलाओं और युवतियों की इज्जत को तार-तार कर दे रही हैं।


हालांकि अब आलाधिकारियों ने इस बात को संज्ञान में लेते हुए दरोगा संतोष कुमार मिश्र को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन पीड़ित सवाल उठा रही है कि क्या सस्पेंड करने मात्र से उसे न्याय मिल जायेगा।
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