हिमाचल का पहला कोरोना मुक्त जिला बनाया जाएगा मंडी : महेंद्र सिंह




 जल शक्ति, राजस्व, बागवानी व सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मंडी जिला को प्रदेश का पहला कोरोना मुक्त जिला बनाया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार ने जो नई गाइडलाइन्स जारी की हैं, उसके तहत मंडी जिला को कोरोना मुक्त जिला बनाने की दिशा में आज से कार्य आरंभ कर दिया गया है। इसमें विभिन्न विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करेंगे। आशा व आंगनबाड़ी वर्कर घर-घर जाकर बीमार लोगों की सूची बनाएंगी और उन लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा जाएगा। इस तरह से जिला को कोरोना मुक्त जिला बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

कोरोना मरीज पर 8 से 9 लाख रुपए खर्च कर रही सरकार

जिला में कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों बारे हुई बैठक में जल शक्ति मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना पॉजिटिव मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार देने का प्रयास कर रही है। जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग हैं उनके कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उपचार का सारा खर्च सरकार वहन कर रही है। ऐसे लोगों के उपचार पर सरकार 8 से 9 लाख रुपए प्रति मरीज पर खर्च कर रही है। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश को कोरोना मुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा और उसकी शुरूआत मंडी से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों को चिन्हित करें। यदि इन पीड़ितों में कोई संक्रमण के लक्षण नजर आएं तो उसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
अभी खत्म नहीं हुआ है कोरोना संक्रमण

मंत्री ने आम जनता से भी अपील की है कि कोरोना संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है इसलिए सार्वजनिक स्थलों पर मॉस्क का प्रयोग अवश्य करें, सामाजिक दूरी बनाए रखें, समय समय पर अपने हाथ अच्छी तरह से धोते रहें। किसी भी प्रकार के बुखार, खांसी-जुकाम इत्यादि के लक्षण होने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए संबंधित विभाग बेहतर तालमेल से कार्य करें ताकि जिला को शीघ्र कोरोना मुक्त किया जा सके। उन्होंने इस मौके पर कोरोना वारियर्स की भूमिका की सराहना की।
जिला में 31 चिकित्सक और 125 पैरा मेडिकल स्टाफ पॉजिटिव आए

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित जिलों में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के साथ बैठकें कर इस महामारी के प्रति ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि जिला में अभी तक 32 हजार 108 कोरोना संक्रमण के परीक्षण किए जा चुके हैं, जिसमें वर्तमान में 1997 पॉजिटिव व 580 एक्टिव, होम आइसोलेशन में 525 के अलावा जिला में 7 डैडिकेटिड कोविड केयर सैंटरों में सदयाणा में 13, थुनाग में 3, नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 25 रोगी हैं। जिला में गंभीर रोगों से पीड़ित 28 लोगों की कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु हुई है। जिला में 31 चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ के 125 व्यक्ति पॉजिटिव आए थे, जिनमें से 114 ठीक हो चुके हैं।
नेरचौक में सुपर स्पैशियलिटी सेवाएं शुरू करने के निर्देश

मंत्री ने मेडिकल कॉलेज नेरचौक में न्यूरो सर्जरी, कार्डियलॉजी, नेफ्रोलॉजी आदि की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कॉलेज प्रबंधन को प्रारूप तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने जिला में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किए जा रहे कारगर उपायों बारे विस्तार से रिपोर्ट प्रस्तुत की। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आरसी ठाकुर ने मंत्री से कॉलेज में चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्टॉफ के 108 पदों को भरने का आग्रह किया। उन्होंने कॉलेज में कोरोना संक्रमण से ठीक हुए रोगियों के डिस्चार्ज होने पर उन्हें एंबुलैंस सुविधा उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया। बैठक में द्रंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक जवाहर ठाकुर, अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट श्रवण मांटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा, मेडिकल अधीक्षक जीवानंद चौहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश, राजस्व अधिकारी राजीव सांख्यान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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