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सलाद बेंचकर 1 लाख रुपए महीने कमाती है ये महिला, महज 3 हजार रुपये में शुरू किया था बिजनेस



सलाद बेंचकर 1 लाख रुपए महीने कमाती है ये महिला, महज 3 हजार रुपये में शुरू किया था बिजनेस - कहते हैं अगर व्‍यक्ति अपनी स्किल और पैशन के मुताबिक करियर चुने और उस पर ही फोकस करें तो सफलता अवश्‍य मिलती है। आज हम आपको ऐसी ही एक महिला से मिलवाने जा रहे हैं, जिसने अपनी क्षमता और हुनर को पहचाना और सालों पुरानी नौकरी के साथ अपने पैशन को लेकर बिजनेस करने की ठानी। ये महिला हैं महाराष्ट्र के पुणे की मेघा बाफना। जिन्‍होंने महज तीन हजार रुपए से अपने सलाद के बिजनेस की शुरुआत की और आज महीने में एक लाख रुपए से अधिक कमा रहीं हैं। इसके लिए न मेघा बाफना ने कोई ट्रेनिंग ली और न ही कोई कोर्स किया।

मेघा बाफना ने बताया कि पिछले 15 सालों से रियल एस्टेट सेक्टर में काम कर रही थीं। ऑफिस जाने से पहले टिफिन के लिए हर रोज सलाद तैयार करना बड़ा बोरिंग लगता था। मेघना को ऐसा लगता था कि लंच टाइम में यदि कोई फ्रेश सलाद दे दे तो कितना अच्छा हो। बस इसी परेशानी से मेघा को अपने बिजनेस के लिए आइडिया मिल गया। मेघा से सोचा क्यों न ये काम मैं ही करूं।

मेघा ने बताया कि सलाद तैयार करना और उसमें तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट करना उन्‍हें कई सालों से पंसद था और उनके दोस्‍तों और परिवार वालों को भी उसके हाथ कहीं बनी सलाद का स्‍वाद पसंद आता था। सबसे पहले मैंने 2017 में चार लाइन का एक क्रिएटिव ऐड तैयार किया और उसे वॉट्सऐप पर अपने फ्रेंड्स के ग्रुप में शेयर कर दिया।

मेघा बाफना को पहले दिन ही 5-6 पैकेट का ऑर्डर मिला था। मेघा को तब सलाद की पैकेजिंग, डिलीवरी, क्वांटिटी की कोई समझ नहीं थी लेकिन मेघा को अपने सलाद के टेस्ट पर बहुत भरोसा था।

मेघा बॉफना बताती हैं कि वो हर रोज सुबह साढ़े चार से सलाद के लिए फ्रेश मासाला तैयार करती उसके बाद बाजार में सब्जी लेने जाने से लेकर उसे काट कर तैयार करने और पैकिंग करने का काम अकेले ही करती थीं। सुबह साढ़े 9 बजे तक मेघा का सारी पैकिंग हो जाती थी,उसके बाद अपने काम वाली बाई के बेटे के हाथों आर्डर पहुंचवाना शुरू किया।

शुरुआत में मेघा को दोस्‍तों से बस दो चार ही ऑडर मिलते थे लेकिन उनको मेरे हाथ की बनी सलाद पसंद आई, जिसके बाद उनके दोस्‍तों के जानने वाले भी ऑडर देने लगे। एक हफ्ते तक 6 पैकेट ही जाते रहे, फिर अगले हफ्ते 25 पैकेट जाने लगे। तीसरे हफ्ते में 50 हो गए। फिर अगले 5 महीने तक यही चलता रहा।

शुरुआत में कितनी मात्रा में सब्जी लानी है और मसाला तैयार करना है इस सबका अंदाजा न होने के कारण शुरुआत में मेघा को थोड़ा नुकसान भी हुआ, लेकिन मेघा बाफना ने हार नहीं मानी। कम ही समय में मेघा को अंदाजा हो गया और मेजरमेंट करके काम करना शुरु किया। क्वांटिटी लिखनी शुरू की, मेजरमेंट बनाया।

शुरुआत में सलाद के दो प्राइज रखे थे, एक 59 और दूसरा 69 नो प्रॉफिट, नो लॉस से शुरु किए बिजनेस में मेघा को महज डेढ़ महीने बाद ही प्रॉफिट होने लगा। शुरुआत में महीने 5 से 7 हजार रुपए बचने लगे। लॉकडाउन के पहले तक मेघा के पास 200 कस्टमर्स थे और हर महीने मेघा 1 लाख रुपए सवा लाख कमा रही थी। लॉकडाउन के पहले तक 10 डिलीवरी बॉय और 9 महिलाएं मेघा के अंडर में काम कर रही थी। मेघा को पूरा भरोसा है कि कोरोना वायरस खत्म होने के बाद उनका बिजनेस एक बार फिर से रफ्तार पकड़ लेगा।

मेघा के पति भी उन्हें काफी हौसला देते हैं। यही वजह है कि मेघा ने महज 3 सालों में अपने सलाद डिलीवरी के बिजनेस को उस बुलंदी पर पहुंचा चुकी हैं कि वो अब फ्रेंचाइजी देने की प्‍लानिंग कर रही हैं। मेघा बाफना बताती हैं कोरोना महामारी समाप्‍त होने के बाद फ्रेंचाजी दूंगी, हालांकि उन्‍हें अभी ही इसके कई ऑफर आ रहे हैं। मेघा बताती हैं कि वो अपने सलाद में नए-नए फ्लेवर का एक्‍सपेरिमेंट करती हूं। नयापन होने के कारण लोग बहुत पसंद करते हैं।


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