ये है खुजली के लिए आयुर्वेदिक उपचार

ये है खुजली के लिए आयुर्वेदिक उपचार

आजकल मौसम परिवर्तन के कारण हमे त्वचा संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वैसे भी आजकल पॉलुशन की मात्रा वातावरण में बहुत बढ़ गयी है है जिससे त्वचा में इंफेक्शन संबंधी कई बीमारिया हो जाती है। खुजली के कई कारण होते हैं जैसे कि तनाव और चिंता, शुष्क त्वचा, अधिक समय तक धूप में रहना, औषधि की विपरीत प्रतिक्रिया, मच्छर या किसी और जंतु का दंश, फंफुदीय संक्रमण, अवैध यौन संबंध के कारण, संक्रमित रोग की वजह से, या त्वचा पर फुंसियाँ, सिर या शरीर के अन्य हिस्सों में जुओं की मौजूदगी इत्यादि से।

खुजली होने पर ये सावधानी बरते।…

खुजली होने पर प्राथमिक सावधानी के तौर पर सफ़ाई का पूरा ध्यान रखना चाहिये।खुजली का जब भी दौरा पडे, आप साफ़ मुलायम कपडे से उस स्थान को सहला दिजिये।प्रवॄति के अनुसार ठंडे या गरम पानी से उस स्थान को धो लिजिये ( किसी को ठंडे पानी से तो किसी को गरम पानी से आराम होता है, उसके मुताबिक अपने लिये पानी का चयन कर लें)।साबुन जितना कम कर सकते हैं कम कर लेना चाहिये, और सिर्फ़ मॄदु साबुन का ही उपयोग करें।

तो आइये जानते है खुजली के लिए आयुर्वेदिक उपचार के बारे में….

चन्दन – खुजली वाली जगह पर चन्दन का तेल लगाने से काफी राहत मिलती है। दशांग लेप, जो आयुर्वेद की 10 जड़ी बूटियों से तैयार किया गया है, खुजली से काफी हद तक आराम दिलाता है।

नीम – नीम का तेल, या नीम के पत्तों की लेई से भी खुजली से छुटकारा मिलता है। नीम के पाउडर का सेवन करने से त्वचा के संक्रमण और खुजली से आराम मिलता है।

एलोवेरा – सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस का सेवन करने से भी खुजली से छुटकारा मिलता है।

नींबू – नींबू का रस बराबर मात्रा में अलसी के तेल के साथ मिलाकर खुजली वाली जगह पर मलने से हर तरह की खुजली से छुटकारा मिलता है।

नारियल – नारियल के ताज़े रस और टमाटर का मिश्रण खुजली वाली जगह पर लगाने से भी खुजली दूर हो जाती है।

आम – शुष्क त्वचा के कारण होने वाली खुजली को दूध की क्रीम लगाने से कम किया जा सकता है। 25 ग्राम आम के पेड़ की छाल, और 25 ग्राम बबूल के पेड़ की छाल को एक लीटर पानी में उबाल लें, और इस पानी से ग्रसित जगह पर भाप लें। जब यह प्रक्रिया हो जाए तो ग्रसित जगह पर घी थपथपाकर लगायें। खुजली गायब हो जाएगी।

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