शिमला में कोरोना मरीज ने अस्पताल में लगाया फंदा, पीडि़ता ने आधी रात की खुदकुशी



शिमला के कोविड अस्पताल डीडीयू में चौपाल क्षेत्र के तहत आने वाले गांव चाडच की एक कोरोना पीडि़त महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। महिला 54 साल की थी। कोविड-19 से ग्रसित होने के बाद उसे चौपाल से डीडीयू अस्पताल रैफर किया गया था। यहां पर इसे तीसरी मंजिल में रखा गया था। डाक्टरों का कहना है कि महिला बीपी की दवा खाती थी और डिप्रेशन से भी पीडि़त थी। इसके अलावा महिला के सिर में भी दर्द रहता था, जिसका उपचार आईजीएमसी में चल रहा था। बहरहाल महिला के शव को कोविड-19 प्रोटोकोल के तहत बैग में डालकर आईजीएमसी पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस भी अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि मंगलवार रात को महिला ने पेट में गैस की दिक्कत बताई, जिसके बाद उसे दवा दी गई।


तब तक किसी को ऐसा नहीं लगा की महिला इस तरह का कोई कदम उठा सकती है, लेकिन रात करीब एक बजे महिला ने अस्पताल की गैलरी में खिड़की की ग्रिल से चुनरी बांध कर खुद को फंदा लगा लिया। एसपी शिमला मोहित चावला ने बताया कि पुलिस महिला के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। सीआईडी डीआईजी विमल गुप्ता ने बताया कि उन्हें भी मामले की जांच को लेकर लैटर भेजा गया है। सीआईडी अब इस मामले की जांच करेगी। प्रदेश सरकार ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए हैं और 12 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है।

सुबह चार बजे लगा आत्महत्या का पता

मामले का पता अस्पताल प्रशासन के कर्मचारी को सुबह चार बजे लगा। जब वह तीसरी मंजिल पर गए तो उन्होंने देखा की महिला का एक पांव कुर्सी पर लटका है और दूसरा नीचे, जबकि उसके गले में चुनरी लटकी थी।

पुलिस वाले भी अंदर जाने से कतरा रहे थे

कोविड अस्पताल होने के चलते सदर थाना से पहुंचे पुलिस कर्मी भी अस्पताल के अंदर जाने से डर रहे थे। सभी को संक्रमित होने का डर सता रहा था, लेकिन किसी तरह डाक्टरों के समझाने के बाद वे अंदर गए और मुआयना किया।

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