आज से खुल जाएंगे हिमाचल के शक्तिपीठ, बाहरी राज्य के लोगों को इस तरह अनुमति

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आज से खुल जाएंगे हिमाचल के शक्तिपीठ, जानिए बाहरी प्रदेश के हैं तो कैसे मिलेगी एंट्री - आज से प्रदेश के धार्मिक स्थलों/शक्तिपीठों के कपाट खुल जाएंगे। डीसी ऊना संदीप कुमार ने कहा है कि हिमाचल के मंदिरों में पर्यटन की दृष्टि से आना है तो कोरोना नैगेटिव टैस्ट रिपोर्ट और इसके साथ हिमाचल के होटलों में 2 दिन ठहराव की अनुमति भी अनिवार्य होगी। चिंतपूर्णी मंदिर सुबह 9 से शाम 7 बजे तक भक्तों के लिए खुलेगा।

श्रीनयनादेवी : रजिस्ट्रेशन के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति
श्रीनयना देवी मंदिर वीरवार को करीब 5 महीने व 17 दिन बाद श्रद्वालुओं के लिए खुल जाएगा। मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए सुबह साढ़े 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक खुले रहेंगे। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को पहले ऑनलाइन ई-रजिस्ट्रेशन करवानी होगी, उसके बाद ही उन्हें बॉर्डर क्रॉस करने दिया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले प्रदेश के श्रद्धालुओं की भी रजिस्ट्रेशन की जाएगी। उधर, मंदिर न्यास के अध्यक्ष व एसडीएम सुभाष गौतम ने बताया कि प्रतिदिन एक हजार श्रद्धालुओं को ही दर्शन करने की अनुमति होगी। चामुंडा मंदिर में भी सुबह की आरती के बाद ही मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले अपनी रजिस्ट्रेशन करवानी अनिवार्य की गई है। माता बज्रेश्वरी मंदिर को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक ही श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।


ज्वालामुखी : गर्भगृह में किसी को भी प्रवेश की इजाजत नहीं
वहीं ज्वालामुखी मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया कि मुख्य मंदिर के गर्भगृह में किसी भी यात्री को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। पास बनाकर ही मंदिर में प्रवेश होगा। स्थानीय लोगों को भी इसी सिस्टम से होकर गुजरना पड़ेगा और उनको भी पर्ची लेनी पड़ेगी। बैठक में चर्चा की गई कि लगभग 500 लोगों को रोजाना दर्शन करवाने की व्यवस्था की जाएगी।


सुबह 6 बजे खुलेगा बाबा बालक नाथ मंदिर
दियोटसिद्ध (रामपाल): बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि शाहतलाई में वीरवार से मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे, जिसके चलते प्रशासन ने बुधवार को ही मंदिर व उसके मंदिर परिसर को सैनिटाइज किया गया। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीङ्क्षनग की जाएगी। 65 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं व 10 वर्ष से छोटी आयु के बच्चों को मंदिर में आने पर मनाही है। उधर, दियोटसिद्ध में एक दिन में केवल 1000 श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था ही की गई है। श्रद्धालुओं के लिए गेट नंबर 1 से प्रवेश तथा दूसरे रास्ते से एग्जिट की व्यवस्था की गई है। इस दौरान श्रद्धालुओं को जूते गाड़ी में ही रखने होंगे। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने के लिए कोविड-19 की नैगेटिव रिपोर्ट साथ में लाना अनिवार्य रहेगी। वीरवार से मंदिर हर रोज सुबह 6 से सायं 7 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा। दोपहर 12.30 बजे मंदिर को सैनिटाइज करने के लिए बंद किया जाएगा।

बाहरी राज्य के लोगों को इस तरह अनुमति
बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं बारे डीसी ऊना संदीप कुमार ने कहा कि उनका कोरोना टैस्ट नैगेटिव होना जरूरी है। इसी के साथ हिमाचल में बाहरी राज्यों से आने वाले प्रत्येक टूरिस्ट को होटल में कमरा बुक करवाना भी अनिवार्य है। दोनों प्रमाण न होने पर हिमाचल में प्रवेश पर श्रद्धालुओं का प्रतिबंध रहेगा।

मां बगलामुखी के दर्शन को अभी करना होगा और इंतजार
बनखंडी (राजीव): कोरोना महामारी के चलते पिछले करीब साढ़े 5 माह से बंद पड़े हुए मंदिरों के कपाट खोलने की तैयारियां चल रही हैं। वहीं बनखंडी स्थित बगलामुखी देवी मंदिर के ट्रस्ट द्वारा 10 तारीख को मंदिर खोले जाने को लेकर मना कर दिया गया है। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मानें तो अभी तक ट्रस्ट मंदिर को नहीं खोल सकता। बगलामुखी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक महंत रजत गिरी ने बताया कि मंदिर के कपाट खोले जाने को लेकर शुक्रवार को ट्रस्ट की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में उक्त मुद्दे को लेकर चर्चा की जाएगी। हालांकि मंदिर खोले जाने को लेकर जल्दबाजी ठीक नहीं है।

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