जूते पहनकर परीक्षा देने पहुंचे अभ्‍यर्थियों को वापस भेजा, कहा- पहले चप्पल पहन कर आओ




संजौली कॉलेज शिमला में रविवार को नीट देने पहुंचे विद्यार्थियों के लिए खास व्‍यवस्‍था की गई थी। सुबह 11 बजे गेट पर खड़े अभिभावक और अभ्यर्थी चेकिंग प्रकिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। एकाएक कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राओं की अलग-अलग लाइनें लगवाई गईं। गेट से लेकर सड़क तक छात्रों की लंबी लाइनें लग गईं। हाथ में पानी की पारदर्शी बोतल और एडमिट कार्ड लेकर खड़े छात्रों की थर्मल स्कैनिंग प्रक्रिया आरंभ हो गई। मौके पर तैनात कर्मी इंफ्रारेड थर्मामीटर से अभ्यर्थियों का तापमान चेक करने के बाद ही उनका प्रवेश सुनिश्चित करवा रहे थे।

एडमिट कार्ड, मान्य पहचान पत्र की वैरिफिकेशन होने के बाद कुछ दूरी पर नोटिस बोर्ड पर छात्रों को सिटिंग प्‍लान देखने की व्यवस्था रखी गई थी। इस दौरान गेट पर शारीरिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन करवाया जा रहा था। कोरोना संक्रमण के चलते बरती जा रही सावधानियों के अलावा नीट परीक्षा में तय किए गए दिशा निर्देशों का भी पालना हो रही थी।

सभी अभ्यर्थी मास्क व दस्ताने पहने हुए थे, लेकिन जानकारी न होने के कारण कुछ अभ्यर्थी चप्पल की जगह जूते पहनकर आए थे। ऐसे छात्रों को वापस भेजा गया। उन्हें कहा गया कि वह चप्पल पहन कर आएं। कुछ परीक्षार्थी अपने स्वजनों की चप्पल पहन कर आए तो कइयों ने बाजार से आनन फानन में चप्पल खरीदी। ऐसे में कई अभ्यर्थी चप्पल का इंतजाम करने के लिए परेशान रहे। वहीं दिशा निर्देशों के अनुसार सभी अभ्यर्थी आधी बाजू के कपड़े पहनकर आए थे।

गेट के बाहर ही खोल दिए ईयर रिंग और चूडियां

परीक्षा शुरू होने से पहले ही अनाउंस किया गया कि जो निर्देश दिए गए हैं उसका पालन करें। परीक्षार्थियों के ईयर रिंग, चूडिय़ां या अन्य कोई आभूषण या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को बाहर ही उतार दिया गया।

व्यवस्था से मिली संतुष्टि: दीपक

सोलन से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी दीपक का कहना है कि कोरोना काल में संक्रमण के खतरे के बीच परीक्षा के होने से डर लग रहा था, लेकिन कॉलेज प्रशासन और परीक्षा आयोजन के इंतजामों को देखकर डर कम हुआ है। व्यवस्था देखकर संतुष्टि मिली है।

लॉकडाउन के कारण बनी रही अनिश्चितता: अनमोल

रामपुर से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी अनमोल ठाकुर का कहना है कि कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन से बनी अनिश्चितता परीक्षा पर संकट बन गई थी। परीक्षा के तिथि बढऩे के कारण तैयारी पर प्रभाव पड़ा। संक्रमण के खतरे के बीच एकाग्रता कम बन पाई। इसके बावजूद अपना बेस्ट देने की कोशिश रहेगी।

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