क्या आपको पता है हरी मटर के ये 9 फायदे?

क्या आपको पता है हरी मटर के ये 9 फायदे?

सर्दियां आई नहीं कि हरी मटर की बहार आ जाती है. वैसे तो अब हरी मटर पूरे साल उपलब्ध रहती है. मटर में उच्च स्तर के एंटीऔक्सीडैंट शरीर की कई प्रतिक्रियाओं को रोकते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं.

मटर लौह, कैल्शियम, जिंक, कौपर, मैगनीज आदि जैसे कई खनिजों की समृद्ध स्रोत है जो शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं.

हरी मटर कच्ची और पकी दोनों तरह से खाई जा सकती है. छोटेबड़े सब बड़े चाव से इसे खाते हैं. बाजार में ये फ्रोजन, डब्बाबंद मिलती है. मटर की सब्जी का स्वाद लाजवाब तो होता ही है, लेकिन यदि मटर किसी अन्य चीज के साथ मिला कर बनाई जाए तो उस डिश का भी कोई मुकाबला नहीं जैसे- मटरपुलाव, मटरपनीर, मटरपास्ता सलाद, भुना हुआ मटर सलाद, मटर सूप, मछली मटर सब से खास और स्वस्थ व्यंजन है.

इस के अलावा भी हरी मटर स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद है :

1.वेट लौस : मटर में वसा और कैलोरी कम होती है इसलिए वजन कम करने के लिए शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही इसे अपने भोजन में शामिल करते हैं. हरी सब्जियां वैसे भी स्वास्थ्य के लिए अच्छी मानी जाती हैं, लेकिन मटर की बात करें तो यह वजन को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करता है.

2.पेट का कैंसर : मटर के इन छोटे दानों में पेट के कैंसर जैसी भयानक बीमारी को रोकने की क्षमता है. क्यूमेस्ट्रौल नामक पौलीफेनौल सुरक्षात्मक तत्त्व हरी मटर में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो कैंसर को रोकने में प्रभावी है.

3.ऐंटी ऐजिंग : त्वचा की खूबसूरती को बढ़ाने में भी मटर सहायक है. इस में मौजूद एंटीऔक्सीडैंट जैसे फ्लैवोनोइड्स, कैटेचिन, एपीक्टचिन, कैरोटेनोइड, अल्फा कैरोटीन इत्यादि ऐंटी ऐजिंग होते हैं और त्वचा को प्राकृतिक चमक प्रदान करते हैं.

4.अल्जाइमर और गठिया : मटर में मौजूद विटामिन ‘के’ अल्जाइमर और गठिया जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम में मदद करता है. अल्जाइमर के पीडि़त मरीजों में मटर का नियमित सेवन मस्तिष्क में न्यूरोनल क्षमता को कम करता है.

5.ब्लड शुगर : मटर खाने से ब्लडशुगर कम की जा सकती है. इस में मौजूद लौ ग्लाइसेमिक इंडैक्स ब्लड शुगर को कम करता है.

6.पाचन में सुधार : मटर उच्च आहार फाइबर पाचन को अच्छी बनाती है. फाइबर पाचन में सुधार कर के सामान्य रूप से शरीर के चयापचय में भी सुधार करती है.

7.आंखों के लिए फायदेमंद : मटर में पर्याप्त मात्रा में एंटीऔक्सीडैंट फ्लैवोनोइड्स होते हैं जैसे ल्यूटिन, कैरोटीन, जिया एक्संथिन के साथ विटामिन ‘ए’ विटामिन ‘ए’ वो आवश्यक पोषक तत्त्व है जो आंखों की श्लेष्म झिल्ली, स्किन और आंखों की रोशनी के लिए आवश्यक है.

8.चिलब्लेंस यानी बिवाई के लिए कारगर : ठंडे तापमान के कारण पैर, हाथ की उंगलियों पर होने वाली सूजन. हरी मटर सूजन के लिए मटर एक प्राकृतिक उपाय है. हरी मटर को जिस पानी में उबाला है उस में 1 चम्मच तिल का तेल मिलाएं और उंगलियों को डुबो दें. इस से सूजन कम हो जाएगी.

9.सूथ बर्ल्स : शरीर के जले हुए हिस्से पर ताजी हरी मटर का पेस्ट लगाने से जलन कम होती है.


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