मुंह के छालों को दूर करने के 8 रामबाण आयुर्वेदिक औषधी है

मुंह के छालों को दूर करने के 8 रामबाण आयुर्वेदिक औषधी है

मुँह के छाले बहुत ही तकलीफदेह घाव होते हैं। जो खाना खाते समय बहुत ही करंट की तरह दर्द देते है। वैसे तो ये घाव छोटे पर अत्यधिक पीड़ादायक होते हैं, और इनके विकसित होने के कई कारण होते हैं। यह घाव मुँह के भीतर या मुँह के बाहर भी विकसित हो सकते हैं। जो घाव मुँह के बाहर जैसे कि होठों पर विकसित होते हैं, उन्हें ‘कोल्ड सोर्स’ के नाम से जाना जाता है, और यह हर्पिस वाइरस के कारण विकसित होते हैं। यह अत्यधिक संक्रामक होते हैं, और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में चुम्बन के द्वारा स्थानांतरित होते हैं। मुँह के भीतर के छाले ‘एफथस अल्सर’ के नाम से जाने जाते हैं। तो जानते है मुँह के छालों के घरेलू / आयुर्वेदिक उपचार के बारे में।

कोरा कत्था – पान में उपयोग किया जानेवाला कोरा कत्था लगाने से मुँह के छालों से राहत मिलती है।

मुलहठी का चूर्ण – सुहागा और शहद मिलाकर छालों पर लगाने से या मुलहठी का चूर्ण चबाने से छालों में लाभ होता है।

त्रिफला – मुँह के छालों में त्रिफला की राख शहद में मिलाकर लगायें। थूक से मुँह भर जाने पर उससे ही कुल्ला करने से छालों से राहत मिलती है ।

मक्खन – दिन में 3 या 4 बार घी या मक्खन को थपथपाकर लगायें।

नारियल – नारियल के दूध या नारियल के तेल से गरारे करने से मुँह के छालों से राहत मिलती है।

अलसी – अलसी के कुछ दाने चबाने से भी मुँह के छालों में लाभ मिलता है ।

तीखे और मसालेदार खान पान – तीखे और मसालेदार खान पान और दही और अचार का सेवन करने से बचें।

अमृतधारा – मुंह के छालों पर अमृतधारा में शहद मिलाकर फुरैरी से लगायें। अमृतधारा में 3 द्रव्य होते हैं-पेपरमिंट, सत अजवाईन, और कर्पूर। इन्हें 1 शीशी में भरकर धूप में रख दें, पिघलकर अमृतधारा बन जायेगी।

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