इन 4 महिलाओं का अपमान कभी भी नहीं करना चाहिए नहीं तो हो सकता हैं बड़ा नुकसान, जानें क्या कहते हैं धर्मग्रंथ

इन 4 महिलाओं का अपमान कभी भी नहीं करना चाहिए नहीं तो हो सकता हैं बड़ा नुकसान, जानें क्या कहते हैं धर्मग्रंथ

महिलाओं का सम्मान हमेशा करना चाहिए, इसका पाठ कोई पढ़ा नहीं सकता है। सिर्फ अपने घर की ही नहीं समाज की सभी महिलाओं के लिए इज्जत की भावना रखनी चाहिए। यही हमारे संस्कारों की परिचायक होती हैं। हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस में माना गया है कि महिलाओं का सम्मान हमेशा और हर स्थिति में करना चाहिए। इसके साथ ही उसमें लिखा है कि अपने से जुड़ी महिलाओं का अपमान किया जाए तो वो आपके भविष्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

रामचरिचमानस के अनुसार माना जाता है कि अपने छोटे भाई की पत्नी पर कभी भी बुरी नजर नहीं डालनी चाहिए वो बहू के समान मानी जाती है। ऐसा करने वाले लोगों के जीवन में उनके कर्मों का परिणाम बुरा ही होता है। इस तरह के पाप का प्रायश्चित कभी किया नहीं जा सकता है।

पुत्र की पत्नी या बहू आपकी खुद की पुत्री के समान होती है उसकी रक्षा करना सिर्फ कर्म नहीं बल्कि मनुष्य का धर्म माना जाता है। किसी को भी भूल से अपनी बहू का अपमान नहीं करना चाहिए और कभी उसके अपमान के समय चुप रहना चाहिए। चाहे जैसी स्थिति हो हमेशा अपनी पुत्रवधु का समर्थन करना चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो महिलाओं का सम्मान हर स्थिति में करना चाहिए उन्हीं से इस संसार की उत्पत्ति होती है। माना जाता है कि अपनी पुत्री का सम्मान करना चाहिए। उसे घर की लक्ष्मी मानने की परंपरा होती है। हर बुरी स्थिति से घर की बेटी को बचाना पिता और भाई का कर्म माना जाता है। इसके साथ ही उसके साथ कभी बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए।

कलयुग के समय में पिता की अपनी ही पुत्री पर बुरी दृष्टि होती है लेकिन इस पाप से बड़ा कोई पाप नहीं माना जाता है। इस तरह के पाप करने वाले को कभी भी माफी नहीं मिलती है। छोटी बहन को पुत्री और बड़ी बहन को माता माना जाता है। यदि कोई अपनी बहन की रक्षा नहीं करता या अपने स्वार्थ के कारण उसका अपमान करता है तो उसे राक्षस माना जाता है और जीवन में उसे अनेकों दुख अपनाने पड़ते हैं।

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