शिमला: कोरोना के साये में शुरू हुई मॉनसून सत्र की कार्यवाही, 18 सितंबर तक चलेगा सत्र

कोरोना के साये में शुरू हुई मॉनसून सत्र की कार्यवाही, 18 सितंबर तक चलेगा सत्र

शिमला: कोरोना संकट के बीच हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। 18 सितंबर तक चलने वाले इस सत्र में दस बैठकें होंगी। कोरोना के चलते इस बार विधानसभा में खास इंतजाम किए हैं। विधानसभा के 5 एंट्री प्वाइंट पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि कोई संक्रमित व्यक्ति सदन में न पहुंचे। विधानसभा की कार्यवाही शोकोदगार से शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि सत्र में 10 बैठक होंगी। इस बार 900 प्रश्न आए हैं। इस बार कोई भी सदस्य गैलरी में नहीं आएगा। अपनी सीट पर से ही विरोध जताएं। सत्र की शुरूआत में पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी, पूर्व विधानसभा के पूर्व सदस्य चंद्रवर्कर व राकेश वर्मा के निधन पर शोकोद्गार प्रस्तुत किया गया। सभी सदस्यों ने उन्हें सदन के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। वहीं, हिमाचल के 11 शहीद जवानों और कोरोना से जंग हारे 53 लोगों को भी सदन में श्रद्धांजलि दी गई।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पूर्व राष्ट्रपति सहित दो सदस्यों के निधन पर दुःख व्यक्त किया व उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान देश के लिए शहीद हुए सैनिकों को भी श्रदांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से हिमाचल में 53 लोगो की मौत हो गई। उनकी आत्मशांति पर भी उन्होंने शोक व्यक्त किया। देश व प्रदेश में लगातार मामले बढ़ रहे है। ऐसे में ज्यादा ऐतिहात बरतने की ज़रूरत है।

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी सहित हिमाचल के दो नेताओं के आकस्मिक निधन पर दुःख व्यक्त किया। अग्निहोत्री ने कहा कि प्रणब मुखर्जी छोटा कद व बड़ा व्यक्तित्व थे। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज, वन मंत्री राकेश पठानिया, शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर,कांग्रेस की तरफ से विधायक आशा कुमारी , सुखविंदर सिंह सुख्खू, ठियोग सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा सहित अन्य सदस्यों ने इस शोकोदगार में दिवंगत आत्माओं की शान्ति के लिए प्रार्थना की। इस बार मानसून सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है क्योंकि विपक्ष मंत्री जमीन मामला, भ्रष्टाचार व अन्य मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरेगा। वहीं, सत्तापक्ष भी जवाब देने के लिए तैयार है। सीएम जयराम ठाकुर  ने पहले ही कहा था कि विपक्ष जिस भाषा में सवाल पूछेगा, उसे उसी भाषा में जवाब मिलेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री व अर्की के विधायक वीरभद्र सिंह भी सत्र में भाग लेने पहुंचे। सत्ता पक्ष की तरफ से कोरोना पॉजिटिव मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के अलावा सभी मंत्री मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से बीमार चल रहे सुजान पठानियाँ व कारोना पॉजिटिव लखविंदर राणा नही पहुंचे।

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