भीषण अग्निकांड: प्रवासियों के 12 आशियाने जलकर राख

भीषण अग्निकांड: प्रवासियों के 12 आशियाने जलकर राख


ऊना जिला के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र बेला बाथड़ी में नयासा उद्योग के पास झुग्गी-झोंपड़ियाें में अज्ञात कारणों से आग लगने के कारण 12 झोंपड़ियां जलकर राख हो गईं। इसकी सूचना दमकल विभाग टाहलीवाल को दी गई, जिस पर दमकल विभाग के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग को नियंत्रित किया अन्यथा अन्य संपत्ति भी आग की चपेट में आ सकती थी। झुग्गी-झोंपड़ियाें में प्रवासी कामगारों का घरेलू सामान भी जल गया है। इस आग से प्रवासी कामगारों को 70 हजार रुपए के करीब क्षति पहुंची है।

इनकी झुग्गियां हुईं राख
इस घटना में नरेश कुमार, महिंदर मैहतो, सोनू मैहतो, रजिंदर मैहतो, लाली मैहतो, उमेश सैनी, विकास, अनिल, राजेश, धनेश्वर मैहतो, राजीव मैहतो, सुरजीत सैनी, समन्या देवी व दलीप मैहतो की झुग्गी-झोंपड़ियां राख हो गई हैं। हालांकि दिन में आग लगने के कारण शोर मचते ही सभी लोग झोंपडिय़ों से बाहर आ गए। प्रवासी कामगार दिहाड़ी-मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। झुग्गी-झोंपड़ियाें में आग लगने से प्रवासी परिवारों के कपड़े व खाद्य सामग्री आग की चपेट में आने से 12 प्रवासी परिवार सड़क पर आ गए हैं।

80 हजार रुपए की संपत्ति को जलने से बचाया
दमकल विभाग टाहलीवाल के इंचार्ज जयपाल की अगुवाई में फायरमैन राकेश कुमार, होमगार्ड राकेश कुमार, मोहन लाल, चालक अमित सैनी और रणजीत सिंह ने आग को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। दमकल विभाग द्वारा समय पर पहुंचने से 80 हजार रुपए की संपत्ति को आग में जलने से बचाया लिया गया। तहसीलदार हरोली विपिन ठाकुर के निर्देशानुसार टाहलीवाल के कानूनगो सूरज कुमार द्वारा मौके का निरीक्षण कर पीड़ित प्रवासी परिवारों को फौरी राहत दे दी गई है। तहसीलदार हरोली विपिन ठाकुर ने बताया कि पीड़ित प्रवासी परिवारों को फौरी राहत के तौर पर प्रति परिवार 2 हजार रुपए व एक-एक तिरपाल दी जा रही है।

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