विवाद को ध्यान में रखकर मनाली-लेह हाई-वे पर लगातार पैट्रोलिंग कर रही खाकी



चीन के साथ सीमा पर चल रहे विवाद को ध्यान में रखकर हाई-वे पर लगातार पैट्रोलिंग कर रही खाकी

केलांग – चीन के साथ सीमा पर चल राहा विवाद जहां थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं हिमाचल सरकार के आदेशों के बाद ड्रैगन के साथ लगती प्रदेश की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। समारिक दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग को जहां सेना की कानवाय गुजरने के लिए करीब-करीब खाली रखा गया है, वहीं लाहुल-स्पीति पुलिस प्रशासन ने यहां जवानों की गश्त को बढ़ा दिया है। 

 सोमवार रात को लद्दाख की गलवान वैली में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद जहां सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव का माहौल चल रहा है, वहीं लोग भी चीन की इस हरकत को लेकर गुस्से में है। हिमाचल की चीन के साथ लगती सीमाओं पर सरकार ने चौकसी बढ़ाते हुए हाई अलर्ट जारी किया है, वहीं लाहुल-स्पीति पुलिस ने भी मनाली-लेह हाई-वे पर अपनी पैट्रोलिंग पार्टियों को तैनात कर दिया है। लाहुल-स्पीति पुलिस के जवान मनाली-लेह मार्ग से गुजरने वाली सेना की कानवाय को सुरक्षित बोर्डर तक पहुंचाने के लिए जहां सड़कों पर तैनात कर दिए गए हैं, वहीं पुलिस के जवानों द्वारा लाहुल-स्पीति में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है, खास कर सीमावर्ती क्षेत्रों पर। बता दें कि लाहुल-स्पीति व किन्नौर जिला का कुछ क्षेत्र जहां चीन व तिब्बत से लगता है, वहीं यहां आईटीबीपी के जवानों ने भी चौकसी बढ़ा डाली है। 

लाहुल-स्पीति पुलिस ने शिकुंला होकर कारगिल के लिए जाने वाले रास्ते पर जहां एक नई चैक पोस्ट को स्थापित करने का निर्णय लिया है, वहीं सरचू व दारचा में भी पुलिस ने निगरानी कड़ी कर दी है। एसपी लाहुल-स्पीति राजेश धर्माणी का कहना है कि चीन के साथ सीमा पर जिस तरह का विवाद चल रहा है, वह सभी के सामने है। उन्होंने बातया कि सरकार के आदेशों के बाद जहां लाहुल-स्पीति के सीमा वर्ती क्षेत्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है, वहीं मनाली-लेह हाई-वे पर भी पुलिस ने पैट्रोलिंग तेज कर दी है। उन्होंने बताया कि लेह-लद्दाख जाने के लिए सेना मनाली-लेह मार्ग का इस्तेमाल अधिक करती है। ऐसे में वर्तमान समय में जो हालात बने हुए हैं उसे ध्यान में रख पुलिस प्रशासन घाटी से सेना की वाहनों की मुवमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए अपना पूरा योगदान दे रही है।

जरुरत पर अटल टनल सहारा

समारिक दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण अटल टनल सीमा पर सेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका अदा कर सकती है। टनल का निर्माण कार्य जहां अब अंतिम चरण में है, वहीं बीआरओ के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत के समय सेना के सभी वाहनों को अटल टनल के माध्यम से रोहतांग के आर-पार करवाया जा सकता है। ऐसे में यह सुरंग सेना के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।

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