सैनिटाइजर घोटाले की अब विजीलैंस करेगी जांच, सरकार ने दिए आदेश

vigilance will investigate the sanitizer scam in the secretariat
राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सैनिटाइजर घोटाला मामले की विजीलैंस जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार की तरफ से मामले की जांच के आदेश दिए जाने के बाद विजीलैंस की तरफ से रिकॉर्ड जब्त कर लिया गया है ताकि उससे किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। इस मामले में एक अधीक्षक पर आरोप लगने के बाद उसे दूसरी जगह तबदील कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार यह सैनिटाइजर जिस सप्लायर से लिए गए, उसे इसके गिफ्ट में मिलने का दावा किया गया है, जिसे बाद में बेचने का प्रयास किया गया। इसे सप्लायर से 50 रुपए में लिया बताया गया तथा इसके ऊपर 130 रुपए की स्टैंप लगाकर बेचने का प्रयास किया गया। सचिवालय स्तर पर ऐसे करीब 3000 सैनिटाइजर लिए गए, जिससे संबंधित समाचार पंजाब केसरी ने गत 23 अप्रैल को प्रकाशित किया था।

बिलासपुर से आईजीएमसी रैफर युवक की मौत मामले की होगी मैजिस्ट्रेट जांच 
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते सैनिटाइजर घोटाले मामले की विजीलैंस जांच के आदेश देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि बिलासपुर से आईजीएमसी रैफर युवक की संदेहास्पद स्थिति में मौत होने के मामले की मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। एडीएम बिलासपुर को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर भी इस मामले की अलग से जांच होगी। राज्य सरकार प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को तेज करना चाहती है और इसके लिए 17 मई के बाद सार्वजनिक परिवहन सेवा को शुरू किए जाने पर विचार किया जाएगा।

हिमाचल में पंजाब से कई गुना बेहतर हालात, अग्निहोत्री-विक्रमादित्य कर रहे राजनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना मामले में हिमाचल प्रदेश के हालात पंजाब और अन्य कांग्रेसी राज्यों से कहीं बेहतर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री और विक्रमादित्य सिंह सहित अन्य नेता इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस समय यह भी पता नहीं है कि उनका नेता कौन है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर उनको अलग-अलग पत्र लिखते हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह 6 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन प्रदेश के हालात ऐसे कभी नहीं रहे, जैसे कि आज हैं। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य सिंह अपने अनुभव का ज्ञान सुना रहे हैं जो हास्यास्पद है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
loading...
loading...