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कोरोना से जीतने से पहले हिमाचल को झटका, दिल्ली से लौटे युवक की रिपोर्ट पोजिटिव

himachal shocks before winning from corona
कोरोना से मुक्त होने के लिए आगे बढ़ रहे हिमाचल प्रदेश को आज एक झटका लगा है। हिमाचल प्रदेश में दिल्ली से आए एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से चिंता बढ़ गई है। मंडी जिले के जोगिंद्रनगर के एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. देवेंद्र ने इसकी पुष्टि की है। मरीज के यात्रा इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।  जानकारी के अनुसार द्रूबल पंचायत का कोरोना संक्रमित व्यक्ति 29 अप्रैल को दिल्ली से लौटा था।

प्रशासन ने पंचायत का तीन किलोमीटर का दायरा कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। धारा 144 लागू कर दी गई है और क्षेत्र में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। सोमवार को जिले से 39 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे हिमाचलीखबर.कॉम जिन्में से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। एक सैंपल खराब हो गया। जबकि 37 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। मंडी में कोरोना का यह पहला मामला है। इसके साथ ही हिमाचल में अब कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 41 हो गई है। 34 लोग स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। चार लोग हिमाचल से बाहर चले गए हैं और एक व्यक्ति की इस बीमारी से मौत हुई है। अब सक्रिय मामलों की संख्या दो हो गई है। इनमें सिरमौर जिला का एक कोरोना पॉजिटिव मरीज सोलन के काठा अस्पताल में भर्ती है। पांच मई को इसकी पहली सैंपलिंग होगी और 24 घंटे बाद दूसरा सैंपल जांच को जाएगा।

प्रदेश के पांच जिले शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर और किन्नौर में कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं है। जिला कांगड़ा, सोलन, हमीरपुर, चंबा और ऊना में सभी कोरोना पॉजिटिव निगेटिव हो गए हैं। सिरमौर जिले में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है। वहीं,अब मंडी में भी एक मामला आ गया है। सोमवार को प्रदेश में 247 सैंपलों की जांच की गई। राज्य में अब तक 15013 लोगों को निगरानी में रखा गया। इनमें से 6637 लोगों ने 28 दिन की जरूरी निगरानी अवधि को पूरा कर लिया है और सभी स्वस्थ्य हैं। राज्य में अब 7432 लोगों की कोरोना को लेकर जांच की गई है।

वहीं, मंडी में पहला कोरोना मरीज सामने आने के बाद हिमाचल सरकार रेड जोन से आ रहे हिमाचलियों को परमिट जारी करने पर पुनर्विचार करेगी। नया केस आने के बाद सरकार  सख्ती करने की तैयारी में है। इस संबंध में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।उधर, सोमवार को कोरोना के चलते लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच दूसरे दिन भी एचआरटीसी बसों में चंडीगढ़ से 1239 लोग हिमाचल लाए गए। दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों को वापस लाने के लिए परिवहन निगम की 49 बसें चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन भेजी गई थीं। ये लोग सुबह छह बजे हिमाचल भवन बुलाए गए थे। लॉकडाउन के चलते सूबे के ये लोग चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में फंसे थे। इन्होंने सरकार से वापस घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी। सोमवार को वापस लाए गए लोगों में 622 मंडी, 365 बिलासपुर, 191 कुल्लू और 61 लाहौल-स्पीति जिले से संबंधित हैं। उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चंडीगढ़ से लाए गए सभी लोगों को स्वास्थ्य जांच के बाद क्वारंटीन किया गया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रदेश के लोगों को वापस लाने में विशेष सेवाएं देने के लिए परिवहन निगम के चालकों और परिचालकों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार बाहरी राज्यों में फंसे प्रदेश के लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।

चंडीगढ़ से लोगों को लेकर निगम की बसें सोमवार दोपहर को स्वारघाट पहुंचीं। बिलासपुर के विभिन्न उपमंडलों के भी लगभग 220 लोग चंडीगढ़ से लौटे हैं। श्री नयनादेवी के नोडल अधिकारी तहसीलदार हुस्न चंद चौधरी ने बताया कि इन बसों में सवार लोगों का ब्योरा स्वारघाट प्रशासन दर्ज कर रहा है। चंडीगढ़ से आए लोगों का प्राथमिक तौर से मेडिकल चौकअप चंडीगढ़ में भी हो चुका है। यहां भी इनकी दोबारा स्वास्थ्य जांच संबधित जिला अस्पतालों में होगी। चंडीगढ़ से बिलासपुर पहुंचे लोगों को एक दिन के लिए बिलासपुर के किसान भवन और डीएवी स्कूल व अन्य जगह क्वारंटीन किया गया है। यहां स्वास्थ्य जांच के बाद इन्हें घर भेजा जाएगा।
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