लोकल सब्जियां आने के बाद कोरोना फैलने का भय हुआ कम


लोकल सब्जियां आने के बाद कोरोना फैलने का भय हुआ कम

जिला शिमला की अलग-अलग मंडियों में मटर के बाद दूसरी लोकल सब्जियों ने भी दस्तक देना शुरू कर दिया है। लोकल सब्जियां शुरू होने से कोविड-19 फैलने की संभावना भी कम हो गई है, क्योंकि हिमाचल में सर्दियों के दौरान ज्यादातर सब्जियां पड़ोसी राज्य पंजाब से लाई जाती हैं। पंजाब में इन दिनों जिस कोरोना के बहुत ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इससे प्रदेशवासी बाहरी राज्यों की सब्जियां खरीदने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जाहिर है कि लोकल सब्जियां तैयार होने से उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। वहीं शिमला जिला की अलग-अलग मंडियों में मटर, फूलगोभी, पालक, आलू व ब्राकली भी आनी शुरू हो गई है। शिमला की ढली मंडी में रविवार को हरा मटर 15 से 30 रुपए और फू लगोभी अधिकतम 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकी।

ढली मंडी में शिमला के साथ लगते पनेश एरिया से फू लगोभी पहुंच रही है, जबकि मटर की ज्यादातर फ सल करसोग के अलग-अलग क्षेत्रों से आ रही है। ढली मंडी से मटर की चार गाडिय़ां देश के अलग-अलग मंडियों को भेजी गई है। इनमें अकेले तीन गाडिय़ां आजादपुर सब्जी मंडी दिल्ली भेजी गई। शिमला जिला में एक सप्ताह बाद मटर व फू लगोभी का सीजन और रफ्तार पकड़ेगा। जिला शिमला के बहुत से क्षेत्र सब्जियों के उत्पादन के लिए एशिया में मशहूर है। अकेले ढली मंडी से रोजाना 40 से 50 तक गाडिय़ां मटर और फू लगोभी की दूसरे राज्यों की मंडियों को भेजी जाती है।

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