ससम्मान पंचतत्व में विलीन हुए हिमाचल के दो सूरमे, हर आंख हुई नम

ससम्मान पंचतत्व में विलीन हुए हिमाचल के दो सूरमे, हर आंख हुई नम

उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिला के केरन सैक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए पैरा ट्रूपर बालकृष्ण व संजीव कुमार की पार्थिव देह को सोमवार को कुल्लू व बिलासपुर जिला लाई गईं। कुल्लू जिला के शहीद बाल कृष्ण के पार्थिव देह वायु मार्ग से सासे हैलीपैड पर लैंडिंग के उपरांत उनके पैतृक गांव पूईद लाई गई और वहीं से अंतिम यात्रा शुरू हुई। बालकृष्ण का भूतनाथ श्मशानघाट पर शाम के समय राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बालकृष्ण के शहीद होने का समाचार कुल्लू पहुंचते ही समूची खराहल घाटी सहित जिला में शोक की लहर दौड़ गई। 25 वर्षीय बालकृष्ण की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा और हर आंख नम हुई। बालकृष्ण को मुखाग्नि उनके भाई केसर ने दी, केहर भी सेना में ही हैं। बालकृष्ण के परिजनों को सांत्वना देने के लिए पूरी घाटी उमड़ी। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने भी मनाली से ही शहीद की पार्थिव देह लेकर पहुंचे जवानों के साथ पूईद गांव का रुख किया और शहीद के परिजनों को सांत्वना दी। दोनों शहीदों की अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने शहीद बालकृष्ण अमर रहे जैसे नारे भी लगाए। शहीद बालकृष्ण के पिता महेंद्र को लोग ढांढस बंधाते रहे। महेंद्र देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए हुई बेटे की शहादत पर गर्व भी महसूस कर रहे थे और जवान बेटे को खोने का गम भी साफ झलक रहा था। बेटे की शहादत के गर्व के आगे हालांकि गम फीका पड़ रहा था। शहीद बालकृष्ण के दादा अनूप, दादी बेगमो देवी, पिता महेंद्र, माता इंदिरा देवी, बहन सोनिया को हर कोई सांत्वना देते हुए उन्हें संभालने का भी प्रयास करता रहा।

ससम्मान पंचतत्व में विलीन हुए हिमाचल के दो सूरमे, हर आंख हुई नम

शहीद की अंत्येष्टि पर लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

उधरघुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हटवाड़ के देहरा गांव के 43 वर्षीय हवलदार संजीव कुमार की पार्थिव देह का सोमवार को उनके पैतृक श्मशानघाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। संजीव कुमार फ ोर पैरा मिलिटरी में कार्यरत थे। श्रीनगर से चौपर के माध्यम से शहीद के शव को सपड़ी (ज्वालाजी) लाया गया। उसके बाद गाड़ी के माध्यम से बिलासपुर जिला स्थित उनके पैतृक गांव लाया गया। गांव के सारे लोगों ने पार्थिव शरीर को ले जाते समय पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। शहीद संजीव कुमार की पाॢथव देह को उनके पुत्र कनिष्क ने मुखाग्नि दी। 14 सिख रैजीमैंट ने कैप्टन राजीव कुमार नेगी की अगुवाई में शहीद को श्रद्धांजलि दी। वहीं पुलिस जवानों की टुकड़ी ने हवाई फायर कर श्रद्धांजलि दी। शहीद संजीव अपने पीछे  पत्नी सुजाता देवी, बेटे तनिष्क व माता-पिता को छोड़ गए हैं। इनके पिता ज्ञान चंद किसान हैं और माता गृहिणी हैं।

वीर सैनिकों की कुर्बानी को सलाम

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर और शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने बिलासपुर के सूबेदार संजीव कुमार व कुल्लू के जवान बालकृष्ण के जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद होने पर दुख जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना भगवान से की है। वीरभद्र सिंह ने देश व प्रदेश वीर सैनिकों की कुर्बानी को सलाम करता है।

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