जो जहां है, वहीं रहे, हम वहां पर मदद करेंगे, मेहरबानी करके विपक्ष इस समय राजनीति न करे: जयराम



जो जहां है, वहीं रहे, हम वहां पर मदद करंेगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए यह बात कही। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी इस अवसर पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बाहर फंसे हिमाचली लोगों और विद्यार्थियोंं के प्रति ङ्क्षचतित है लेकिन संकट की इस घड़ी में सरकार को उनके सहयोग की अपेक्षा है। 

उन्होंने कहा कि बाहर फंसे राज्य के लोगों, विद्यार्थियों और और उनके अभिभावकों के सैंकड़ों फोन उन्हें आए हैं। उन्होंने सबसे संकट की इस घड़ी में सहयोग की अपील की है, साथ ही लोगों की सुविधाओं के लिए अलग से हैल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोटा में फंसे विद्यार्थी यदि 800 किलोमीटर का सफर करके प्रदेश पहुंचते भी हैं, तो उन्हें क्वारंटाइन में रहना पड़ेगा। ऐसे में सबकी बेहतरी इसी में है कि जो जहां है, वहीं पर रहे। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना योद्धाओं यानी मैडीकल, पैरा मैडीकल स्टाफ, पुलिस व अन्य विभाग से जो भी संकट की इस घड़ी में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें 50 लाख रुपए का बीमा कवर देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सोमवार से सरकार ने कुछ सीमित चीजों के लिए सीमित छूट दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कफ्र्यू में छूट है। इस पर सख्ती से अमल होगा और जिन चीजों में रियायतें दी जा सकती हैं, उनके लिए टास्क फोर्स स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुझाव दे रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी कार्यालयों को खोलने से पहले अभी सप्ताह से 10 दिन तक हर पहलू को खंगाला जाएगा। हालांकि विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष सीमित स्टाफ के साथ काम को आगे बढ़ा रहे हैं।


मेहरबानी करके विपक्ष इस समय राजनीति न करे

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्षी दलों कांग्रेस और माकपा से आग्रह किया कि वह संकट की इस घड़ी में राजनीति न करें। उन्होंने कहा कि उनकी इस बारे विपक्षी नेताओं से बात भी हुई है और उनके सुझावों पर अमल भी हुआ है। उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं और माकपा विधायक राकेश सिंघा से सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने सिंघा के धरने पर कहा कि वह जिन मजदूरों की बात कर रहे हैं उनके लिए राशन की व्यवस्था की थी, लेकिन इसे लेने से मना कर दिया। इसके बाद उन्हें बना हुआ खाना उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे ठुकरा दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कामगार अपने घर को जाना चाहते हैं, तो उनके अपने राज्य जाने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वह सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक स्थिति की निरंतर समीक्षा करते हैं, ताकि किसी को भी असुविधा न हो।

फेसबुक पर डाल दिया सीएम का नंबर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने उनका मोबाइल नंबर फेसबुक पर डाल दिया कि जो हिमाचल में जाना चाहता है तो उनसे संपर्क कर सकता है। इसके बाद उन्होंने मीटिंग की अवधि को छोड़ सैंकड़ों फोन कॉल पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तो चंडीगढ़ और दिल्ली हिमाचल भवन तक के दरवाजे खोल दिए, जबकि अन्य राज्यों ने ऐसा नहीं किया।

तब्लीगी जमात के लगातार मामले आने से धक्का लगा

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में तब्लीगी जमात का एक के बाद एक मामला आने से धक्क ा लगा। इस कारण प्रदेश में पॉजीटिव 39 में से 25 मामले तब्लीगी जमात से जुड़े आए। इसके बाद सरकार की सख्ती से जमात से जुड़े लोगों और उनके संपर्क में आने वालों की पूरी चेन खंगाली, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

सांसद रामस्वरूप क्वारंटाइन में गए

सांसद रामस्वरूप शर्मा के दिल्ली से अपने गृह क्षेत्र मंडी पहुंचने को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह क्वारंटाइन में चले गए हैं। वह इस समय अपने पुराने घर में हैं तथा उनसे संपर्क में आए लोग भी इसकी पालना कर रहे हैं। उनकी इस बारे सांसद से बात भी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश को लाभ मिला है, जिसके लिए जनता ने उनका भरपूर समर्थन और सहयोग किया है।

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