हिमाचल में लॉकडाउन के बहाने बढ़ाए दालों के रेट

हिमाचल में लॉकडाउन के बहाने बढ़ाए दालों के रेट

 हिमाचल में लॉकडाउन की आड़ में अनाज कारोबारियों ने जमाखोरी शुरू कर दी है। सरकार के आदेशों के बावजूद दालों के रेट थोक व्यापारियों ने 20 से 25 रुपए बढ़ा दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर अचानक हुई इस वृद्धि के कारण हिमाचल में कुछ दालें 150 प्रतिकिलो की दर से  बिकनी शुरू हो गई हैं। बता दें कि दालों में एकाएक बढ़ाए गए ऐसे रेट का उदाहरण कांगड़ा जिला के डमटाल अनाज मंडी में देखा जा सकता है। यहां पर बाहरी राज्यों से थोक व्यापारी पुराने माल को महंगे रेट पर बेच रहे है। सूत्रों की मानें तो थोक विक्रेता 40 से 50 प्रतिशत मार्जन पर पुरानी दालों को बेच रहे हैं। रिटेलर द्वारा इतने महंगे दामों पर दालें आने पर आम लोगों को भी 10 रुपए बढ़ाकर इन दालों को बेचा जा रहा है। इस वजह से आम लोगों को संकट की घड़ी में इतनी मंहगी दालें खरीदनी पड़ रही हैं, जबकि सरकार ने आदेश दिए थे कि लॉकडाउन की इस स्थिति में प्रदेश कि जनता को दालें सामान्य रेट पर मिलेंगी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है, कि जल्द ही कई और दालों के दाम भी 150 रुपए हो सकते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार कांगड़ा जिला के डमटाल मंडी में थोक विक्रेता जो दालें महंगे दामों पर रिटेलर्ज को दे रहे हैं, वह पुराना माल है।

उसमें नई सप्लाई की एक भी दालें नहीं हैं। इस तरह से कई आरोप लगाए जा रहे हैं कि पुराने स्टॉक को जमा कर भी रखा जा रहा है। बता दें कि कांगड़ा के डमटाल अनाज मंडी से पांच से छह जिलों को दालें सप्लाई की जाती है। फिलहाल सवाल यह है कि हिमाचल में जब लॉकडाउन किया गया है और सरकार ने किसी भी दाल में कोई भी रेट बढ़ाने के आदेश नहीं दिए हैं, तो फिर ऐसे में क्यों मनमानी हो रही है। बता दें कि अब रिटेलर भी मजबूरी में आम लोगों को उसी रेट के मुताबिक अनाज बेच रहे हैं। बता दें कि हिमाचल की डमटाल मंडी से कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, चंबा, जिला के सब डीलर दालों  की सप्लाई लेते हैं। इसी तरह राज्य की दूसरी अनाज मंडियों में भी इसी तरह पुराने स्टॉक की दालों के मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं, जिसका सीधा असर निर्धन व जरूरतमंद लोगों पर पड़ रहा है। गौर हो कि देश की इस संकट की घड़ी में कई सामाजिक संस्था फ्री में हजारों लोगों को राशन बांट रही है।  उधर, थोक विक्रेताओं द्वारा दालों के दामों में इस तरह बढ़ोतरी की जा रही है।

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