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सरकार की इस योजना से राज्यों में फंसे हिमाचलियों की जल्द होगी घर वापसी

सरकार की इस योजना से राज्यों में फंसे हिमाचलियों की जल्द होगी घर वापसी

कोरोना वायरस से फैली महामारी इस समय पूरी दुनिया में तेजी से फैल रही है। धर्म, रंग, नस्ल, भाषा, लिंग, जाति आदि के रूप में तैयार की गई इंसानी दीवारें भी महामारी को रोकने में नाकामयाब साबित हुई हैं. अब इंतजार किया जा रहा है कि कब वैज्ञानिक इसकी कोई काट ढूंढ़ लें. लेकिन हिमाचल सरकार कोरोना से लड़ने को तैयार हो रही है। अब वह प्रदेश में फंसे हिमाचलियों को जल्द ही घर भेजेगी। दरअसल हिमाचल सरकार ने 30 हजार रैपिड टेस्टिंग किट का डिमांड ऑडर भेजा है। जिसके लिए सरकार आईसीएमआर के सपर्क में है। बताया जा रहा है कि इस एंटीबॉडी टेस्टिंग किट के आने से आसानी से हिमाचलियों को घर भेजा जा सकता है। जानकारी के मुताबिक बॉर्डर एरिया में साढे़ तीन हजार लोगों को कर्फ्यू के दौरान रोककर कैंप में रखा गया है। इसके अलावा तीन हजार हिमाचलियों की प्रदेश से बाहर फंसे होने का आंकड़ा राज्य सरकार के पास दर्ज है।

ऑन रिकॉर्ड सभी हिमाचली घर आने को बेताब हैं। इस कारण प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर रैपिड टेस्ट करने के लिए 30 हजार टेस्टिंग किट की मांग की है। एंटी बॉडी इस टेस्टिंग किट से मासिज़ टेस्ट करना आसान होंगे। यह किट फील्ड व भीड़ के टेस्ट लेने में सहायक सिद्ध होती है। इस कारण राज्य सरकार ने यह योजना बनाई है कि इस किट के माध्यम से कैंप में रखे साढे़ तीन हजार हिमाचलियों के टेस्ट लिए जाएंगे। इस टेस्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण है या नहीं। रैपिड टेस्ट में कोरोन के लक्षण दिखने पर उस व्यक्ति का तुरंत प्रभाव से कोरोना टेस्ट किया जाएगा। इसके विपरित रैपिड टेस्ट में स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति को घर भेज दिया जाएगा। सरकार को इन टेस्टिंग किट के आने का बेसब्री से इंतजार है। इसके बाद बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचलियों के लिए घर वापसी का रास्ता खुल जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश के बॉर्डर एरिया में रैपिड टेस्ट से हर बाहर से आने वाले व्यक्ति का टेस्ट कर उसे घर भेजेगी।

3518 है अब तक घर से दूर 

प्रदेश में लॉकडाउन बढ़ने की पूरी संभावना नजर आ रही है। ऐसे में प्रदेश के बाहर फंसे हिमाचल वासियों की चिंता सताने लगी है। प्रदेश भर के करीब 3518 लोग ऐसे है, जो लॉकडाउन के बाद बाहरी प्रदेशों से घर लौट रहे थे, परंतु इन सभी को बॉडर्र पर ही रोक दिया गया था। हालांकि सरकार ने इनके रहने, खाने का इंतजाम किया था, परंतु अब ये सभी अपने घर जाना चाहते हैं। हालांकि सरकार ने भी इन्हें घर भेजने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, परंतु खतरा यह है कि एक छोटी चूक कहीं प्रशासन को भारी न पड़ जाए।

जमातियों में नहीं दिख रहे लक्षण 

प्रदेश के लिए अब एक राहत की खबर यह भी है कि मरकज से लौटे जमातियों में कोरोना के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। टेस्ट के बाद यह भी पता चल गया है कि इनको संक्रमण नहीं है, परंतु सुरक्षा और एहतियात के तौर पर इन्हें क्वारंटाइन का 14 दिन का पीरियड पूरा करना ही होगा। 
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