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हिमाचल में इस दिन से घर बनेंगे पाठशाला और अभिभावक निभाएंगे शिक्षक की भूमिका

हिमाचल में इस दिन से घर बनेंगे पाठशाला और अभिभावक निभाएंगे शिक्षक की भूमिका

हिमाचल में गुरुवार से घर पाठशाला बनेंगे और अभिभावकों को शिक्षक की भूमिका निभानी होगी। कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश में लॉकडाउन और कर्फ्यू लगने से स्कूल बंद हैं। सरकार ने विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से चलाने को समय 10 से 12 वाला, हर घर बने पाठशाला अभियान शुरू किया है।

गुरुवार से यह अभियान आधिकारिक तौर पर शुरू किया जाएगा।

पहली कक्षा से कॉलेज स्टूडेंट्स को विशेष ई-लर्निंग प्रोग्राम के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। अभियान सफल बनाने को पहली से आठवीं, नौवीं से जमा दो और कॉलेजों के लिए अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं। रोजाना दो से तीन घंटे तक व्हाट्सऐप, सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से क्लासेज लगाई जाएंगी। पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को गुरुवार से सिलेबस से संबंधित सामग्री भेजी जाएगी।

बीते दिनों बच्चों को इस तकनीक से अवगत करवाने के लिए ड्रांइग का काम दिया जा रहा था। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने बताया कि ई कंटेंट तैयार कर लिया है। व्हाट्सऐप ग्रुप के अलावा वेबसाइट से भी सामग्री अपलोड हो सकेगी। शिक्षकों को रोजाना बच्चों को होमवर्क देना होगा। इसे जांचना भी होगा। बच्चे भी शिक्षकों से प्रश्न पूछ सकेंगे। शिमला स्थित निदेशालय से योजना की मॉनीटरिंग की जाएगी। उधर, नौवीं से कॉलेज स्टूडेंट्स को भी ई कंटेंट भेजने का काम गुरुवार से शुरू होगा।

पहली से आठवीं कक्षा के डेढ़ लाख बच्चे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े

‘समय 10 से 12 वाला, हर घर बने पाठशाला’ अभियान के तहत बुधवार दोपहर तक पहली से आठवीं कक्षा तक के करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी विभिन्न कक्षावार व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ चुके हैं। ई कंटेंट शेयर करने के लिए बनाई माइक्रो वेबसाइट पर भी पंद्रह लाख से ज्यादा लोगों ने क्लिक कर देखा है। इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को फिलहाल व्हाट्सऐप ग्रुप और वेबसाइट से ही ई कंटेंट भेजा जाएगा। जिन बच्चों के अभिभावकों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, उन्हें टेक्सट मैसेज से होमवर्क मिलेगा।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को दूरदर्शन से पढ़ाई करवाने के लिए स्लॉट नहीं मिल सका है। आठ कक्षाओं की पढ़ाई के लिए निदेशालय को तीन से चार घंटों की जरूरत थी। दूरदर्शन के शिमला चैनल में इतना समय नहीं होने के चलते फिलहाल अभी व्हाट्सऐप ग्रुप और टेक्सट मैसेज से ही पढ़ाई जारी रखने का फैसला लिया गया है। पहली से आठवीं कक्षा में करीब पांच लाख बच्चे पढ़ते हैं। ग्रुप में जुड़ने वाले बच्चों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। वेबसाइट पर भी रोजाना तीन लाख से अधिक हिट्स आ रहे हैं।


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