मणिपुर में हिमाचल का जवान शहीद, 15 अप्रैल को थी शादी

मणिपुर में हिमाचल का जवान शहीद, 15 अप्रैल को थी शादी

ऊना जिला के गांव रैंसरी के लीमाफांग (मणिपुर) 52वीं बटालियन आर्मी में तैनात मंजीत सिंह पुत्र गुरजीत सिंह की मौत हो गई है। इससे पूरे गांव में मातम का माहौल है। मंजीत सिंह लीमाफांग (मणिपुर) 52वीं बटालियन में तैनात था। आज उनका शव लेकर आर्मी के नायब सूबेदार सत्येन्द्र सिंह, नायक हरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, जगन सिंह व बलविन्द्र सिंह रैंसरी सुबह करीब 9 बजे पैतृक गांव पहुंचे। आर्मी के जवान जैसे ही गाड़ी में तिरंगे से लिपटे मनजीत सिंह का शव एक ताबूत में लेकर उसके घर पहुंचे तो उसकी माता उर्मिला देवी व भाई सविन्द्र सिंह सहित परिजनों का विलाप देखा नहीं जा रहा था।

मनजीत का शव घर पहुंचते ही गांव के कई लोग भी उसके घर पहुंच गए। इसके बाद उसकी शव यात्रा निकाली गई। श्मशानघाट में आर्मी जवानों ने मनजीत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां पर गांव के अनेक लोगों ने नम आंखों से मनजीत को श्रद्धांजलि अर्पित की। आर्मी के नायब सूबेदार सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि मंजीत सिंह की नैचुरल मौत हुई है। वह थोड़ा-सा बीमार हुए थे। उनका कोरोना टैस्ट भी करवाया गया था लेकिन उसका वह टैस्ट नैगेटिव पाया गया था। उन्होंने बताया कि मणिपुर से मंजीत का शव प्लेन में लेकर दिल्ली और दिल्ली से फिर एम्बुलैंस में घर तक लाया गया।

26 वर्षीय मंजीत सिंह की 15 अप्रैल को शादी थी। उसकी मौत से शादी की सारी खुशियां गम में बदल गई हैं। इन दिनों घर के पारिवारिक सदस्य उसकी शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। घर के पारिवारिक सदस्यों को क्या पता था कि जिसकी शादी की तैयारियों वह धूमधाम से कर रहे हैं, उसका शव इस तरह तिरंगे में लिपटा घर आएगा। वह वर्ष 2015 में आर्मी में भर्ती हुआ था। उसका छोटा भाई सतविन्द्र सिंह भी आर्मी में तैनात है और इन दिनों छुट्टी पर आया हुआ है। पारिवारिक सदस्यों के साथ वह अपने बड़े भाई की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

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