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Himachal: फीस न भरने पर पेपर देने से रोकी दिव्यांग छात्रा

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पांवटा साहिब में निजी स्कूलों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला पांवटा साहिब के भाटावाली स्थित एक स्कूल में आया है, जहां 11वीं कक्षा में पढऩे वाली एक छात्रा को पेपर देने से रोका गया है। जानकारी के अनुसार आज सीबीएसई बोर्ड के 11वीं कक्षा का म्यूजिक का पेपर था, जिसे देने के लिए स्कूल की एक छात्रा स्कूल पहुंची लेकिन स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर उसे पेपर नहीं देने दिया कि उसने अभी तक स्कूल की फीस जमा नहीं करवाई है।

अकाऊंटैंट न होने के कारण जमा नहीं करवा पाए फीस
छात्रा के परिजनों ने बताया कि वे सुबह स्कूल में फीस देने के लिए गए थे क्योंकि कल उनके फोन पर फीस जमा करवाने के लिए मैसेज आया था लेकिन स्कूल में अकाऊंटैंट न होने के कारण वे लोग घर वापस आ गए ओर सोचा कि बाद में जब बेटी को स्कूल से घर वापस लेने के लिए जाएंगे तो उस समय फीस जमा करवाा देंगे लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उसे पेपर देने नहीं और घर भेज दिया। परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी 60 प्रतिशत दिव्यांग है।

स्कूल प्रंबधन के रवैये को देख हुई हैरानी
छात्रा की मां ने बताया कि वह सुबह के समय बेटी की फीस देने के लिए स्कूल गई थी लेकिन उस समय स्कूल में अकाऊंटैंट नहीं आया था जिस कारण वह यह सोच कर वापस आ गई कि दोपहर में जब बेटी को लेने स्कूल जाएगी तो उस समय ही फीस जमा करवा देगी लेकिन स्कूल प्रंबधन का ऐसा रवैया देख हैरत में हैं।

स्कूल प्रंबधन पर हो उचित कार्रवाई
छात्रा के पिता ने बताया कि यूं तो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे देती है लेकिन निजी स्कूलों के ऐसे व्यवहार से कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों को कैसे पढ़ा सकता है जहां फीस न देने की वजह से बच्चों को अपनी वार्षिक परीक्षा देने से रोक दिया जाता है। उन्होंने स्कूल प्रंबधन पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। बता दें यह स्कूल पहले भी इस तरह के मामलों की वजह से सुर्खियों में रह चुका है, वहीं जब हम स्कूल का पक्ष जानने के लिए स्कूल पहुंचे तो स्कूल का कोई भी अधिकारी कैमरे के आगे कुछ भी बोलने से बचता हुआ दिखाई दिया।
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