Kangra: पोते की बारात निकलने से पहले उठी दादा की अर्थी

death of grandfather before marriage of grandson
कहते हैं कि कुदरत के खेल न्यारे कहीं मातम तो कहीं ढोल-नगाड़े। यह कहावत कांगड़ा जिला के अंतर्गत आती भलाख पंचायत के निवासी बिल्लू पठानिया के परिवार पर स्टीक बैठती है, जहां एक तरफ दूल्हे की बारात निकलने की तैयारी हो रही थी तो वहीं दूसरी तरफ उसके दादा की अर्थी उठ गई। कुदरत के इस खेल के आगे खुशी का माहौल मातम में बदल गया। बताते चलें कि शुक्रवार को स्वर्गीय बिल्लू पठानिया के बेटे बीजू की शादी थी, जिससे घर में खुशी का माहौल था।

दूल्हे के परिजन व रिश्तेदार जब डीजे की धुन पर नाच-गाने में मशगूल थे कि तभी अचानक दूल्हे बीजू के 95 वर्षीय दादा मान सिंह भगवान को प्यारे हो गए। ऐसी गमगीन स्थिति में सगे-संबंधियों ने शुक्रवार को ही मृतक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद परिवार वालों ने दूल्हे की बारात निकाली और शादी रचाई।

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