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Chamba: मां ने मनरेगा में दिहाड़ी लगा पूरी करवाई बेटे की पढ़ाई, अब करेगा देश सेवा

youth of chamba in army
उपमंडल सलूणी की अति दुर्गम ग्राम पंचायत भड़ेला के 5 युवक एक साथ भारतीय सेना में भर्ती हुए हैं । नवम्बर, 2019 में पालमपुर में हुई सेना भर्ती में उनका चयन हुआ। इनमें अधिकतर युवाओं के परिवार की स्थिति अच्छी नहीं है। एक युवक के पिता के देहांत के बाद उसकी माता ने मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर उसकी दसवीं तक की पढ़ाई पूरी करवाई, वहीं दो युवाओं के माता-पिता किसान हैं जबकि एक के पिता लोक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी हैं और एक युवक के पिता एसपीओ हैं।

पंचायत से एक साथ 5 युवाओं के भारतीय सेना में शामिल होने की सूचना मिलते ही पूरी पंचायत में खुशी का माहौल है। चयनित युवाओं में पवन कुमार निवासी गांव हन्गोई के पिता मीर चंद किसान हैं जबकि माता गृहिणी हैं। उन्होंने मजदूरी करके बड़ी मुश्किल से पवन कुमार की जमा दो तक की पढ़ाई करवाई। मीर चंद के भाई बलदेव का बेटा भी भारतीय सेना में भर्ती हुआ है। मीर चंद भी चाहता था कि उसका बेटा भी फौजी बने इसके लिए उसने अपने बेटे को पहले भी 3 बार भर्ती के लिए भेजा लेकिन वह असफल रहा। बार-बार मैडीकल में अनफिट रहने के चलते उसका चयन नहीं हो पा रहा था इसके लिए उसने चम्बा मैडीकल कॉलेज में इलाज करवाया और भर्ती दी। इस बार वह भर्ती हो गया।

शुक्राह निवासी नितेश कुमार के सिर से पिता का साया 5 वर्ष पूर्व उठ गया था। इसके चलते उसकी पढ़ाई के अलावा सारी जिम्मेदारी उसकी माता पर आ गई थी। उसने मनरेगा के कार्यों में दिहाड़ी लगाकर बेटे की दसवीं तक की पढ़ाई करवाई और इसके बाद आईटीआई के लिए चुवाड़ी भेजा। इस दौरान जैसे ही सेना की भर्ती निकली वह भर्ती देने पालमपुर चला गया। यहां पर भर्ती देने के बाद अब वह देश की सेवा करेगा।

इसके अलावा इसी पंचायत के भुंदड़ोता गांव के विक्की के पिता गुरदेव मिस्त्री का काम करते हैं जबकि माता गृहिणी है। बचपन से ही फौजी बनने का शौक पाले बैठे विक्की ने सेना भर्ती की तैयारी के लिए जमा दो कक्षा की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और एपीएस अकादमी में कोचिंग लेनी शुरू की। परिणामस्वरूप वह सेना में भर्ती हो गया।

इसी गांव के अजय कुमार के पिता बलदेव किहार थाना में एसपीओ हैं और माता गृहिणी है। अजय ने चम्बा कॉलेज में अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ सेना भर्ती के लिए कोचिंग ली और पहली ही भर्ती में सफलता हासिल की। अब वह देश की सेवा के लिए सरहद पर पहरा देगा। वहीं शुक्राह के ओमी के पिता नारद राम पीडब्ल्यूडी में कार्यरत हैं। ओमी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डियूर में जमा दो कक्षा में अध्ययनरत था। इस बीच पहली बार सेना भर्ती देने गए ओमी ने सफलता हासिल की है।
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