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कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण के विरोध में फिर काले झंडे थाम सड़कों पर उतरे लोग

कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के खिलाफ किसी भी हद तक जाने का ऐलान कर चुके हजारों ग्रामीणों ने बुधवार को एक बार फिर हाथ में काले झंडे थाम सड़कों पर उतर कर रोष जताया। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव इच्छी से गग्गल एयरपोर्ट तक निकाली गई करीब 3 किलोमीटर लंबी महारैली में गग्गल, पुराना मटौर, इच्छी, सहौड़ा, पैहग, नंदेहड़, सनौरा, रछियालु, भेड़ी और कोटक्वाला आदि गांवों के लोगों ने भाग लेकर प्रस्तावित विस्तारीकरण के विरोध में आवाज बुलंद की। इस दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। गग्गल थाना के अलावा आसपास के थानों-चौकियों से बुलाए पुलिस जवान रैली के साथ चलकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक को सुचारू करते रहे।


एयरपोर्ट का एक इंच भी नहीं होने देंगे विस्तार

संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर निकाली गई इस रैली के दौरान इच्छी और जमानाबाद रोड बाजार पूरी तरह बंद रहे, वहीं गग्गल में बंद का मिला-जुला असर रहा। रैली में शामिल लोग एयरपोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गए। गग्गल पंचायत के प्रधान रविंद्र बावा, इच्छी पंचायतप्रधान विजय कुमार, सहौड़ा पंचायत प्रधान विजय विजु, सनौरा पंचायत प्रधान सुनीता देवी, नंदेहड़ पंचायत प्रधान विजय कुमार, रछियालु पंचायत उपप्रधान रोशन, संयुक्त संघर्ष समिति के प्रधान कुलभाष चौधरी, भाजपा नेता वेद चौधरी, ओबीसी नेता राम लाल चौधरी, विजय शर्मा व जसपाल चौधरी ने कहा कि वे किसी भी सूरत में एयरपोर्ट का एक इंच भी विस्तार नहीं होने देंगे। भले ही उन्हें अपने प्राणों की आहुतियां क्यों न देनी पड़ें।

एयरपोर्ट विस्तार से 25 से अधिक गांव होंगे प्रभावित

कुलभाष चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा सरकार को दी गई भूमि की रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कह रहे हैं कि विस्तारीकरण से कुछ लोग ही प्रभावित होंगे जोकि सरासर गलत है। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित एयरपोर्ट विस्तार से 25 से अधिक गांव प्रभावित होंगे। विस्तारीकरण से इलाके के करीब 970 दुकानदार और 5000 दुकानों पर काम करने वाले लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसके अलावा हजारों किसान अपनी उपजाऊ भूमि से हाथ धो बैठेंगे। उन्होंने दावा किया कि विस्तारीकरण की जद में करीब 2000 परिवार आएंगे।

बौड़क्वालू में बड़ा एयरपोर्ट बनाए सरकार

कुलभाष ने संघर्ष समिति की अगली रणनीति को लेकर कहा कि इसका निर्णय आगामी बैठक में किया जाएगा, लेकिन इतना तय है कि ग्रामीणों का संघर्ष जारी रहेगा। एयरपोर्ट विस्तार को रोकने के लिए भले ही करो या मरो की नीति क्यों न अपनानी पड़े। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि दर्जनों गांवों को उजाडऩे की बजाय बौडक्वालू में खाली पड़ी लगभग 7 किलोमीटर लंबी भूमि पर बड़ा एयरपोर्ट का निर्माण किया जाए। इससे हजारों लोगों को विस्थापन का दंश नहीं झेलना पड़ेगा।

सनौरा में लंबे जाम में फंसी एम्बुलैंस

रैली के दौरान सनौरा में लगे लंबे जाम में एक मरीज को लेकर जा रही एम्बुलैंस भी फंस गई, जिसके लिए पुलिस जवानों ने तुरंत रास्ता बनाकर उसे आगे रवाना किया। रैली में शामिल महिलाओं से लेकर बुजुर्ग और युवा ‘जनता की है यही पुकार नहीं चाहिए एक इंच भी विस्तार’ के नारे लगाते रहे।
गग्गल में महिला ने आत्मदाह को चेताया

जब रैली गग्गल चौक में पहुंची तो एयरपोर्ट विस्तार के विरोध में एक महिला ने सरकार को खुलेआम चेतावनी दी कि अगर लोगों को उजाड़ा गया तो वे आत्मदाह जैसा कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगी। इस दौरान पौंग बांध विस्थापित संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष इच्छी निवासी हंसराज चौधरी ने कहा कि वे दोबारा विस्थापन का दंश नहीं झेल सकते हैं। विस्थापन के नाम पर लोग एक बार धोखा खा चुके हैं, लेकिन इस बार कतई धोखा नहीं खाएंगे।
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