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सास-ससुर ने डोली में बिठा विदा की बहू


समाज में बहुत कम लोग ऐसे होते हैं, जो बहू को सही मायने में बेटी की तरह समझते हैं। कुछ इसी तरह की मिसाल पेश की है, मंडी जिला के सरकाघाट के ब्रह्मदास और संतोषी देवी ने।

इस दंपति ने बेटे की मौत के बाद बहू के भविष्य को देखते हुए उन्होंने खुद उसकी दूसरी शादी करवाई। जानकारी के अनुसार उपमंडल सरकाघाट की रखोह पंचायत के गध्यानी गांव के सास संतोषी देवी और ससुर ब्रह्मदास ने डेढ़ साल पहले बेटे की आकस्मिक मौत हो गई थी

जिसके बाद अपनी 31 वर्षीय युवा बहू को डोली में बिठाकर उसके ससुराल हमीरपुर जिला के चबूतरा गांव के नरेंद्र कुमार पुत्र फितूरी राम के घर को विदा किया। इतना ही नहीं, विवाह की सभी रस्मों को लड़की के सास-ससुर ने माता-पिता की तरह हिंदू रीति-रिवाजों से पूरा करवाते हुए विवाह संपन्न कराया। उन्होंने गांव के मंदिर में बेदी सजाकर और अपने सगे संबंधियों की उपस्थिति में यह पुण्य कार्य संपन्न करवाया। ब्रह्मदास और संतोषी देवी के अपने घर में धाम का भी आयोजन किया और उनके सगे संबंधियों ने भी दिल खोल कर दुल्हन और दूल्हे  को आशीर्वाद देने के बाद शगुन दिया। पूरे क्षेत्र में ब्रह्मदास और उसकी पत्नी संतोषी देवी के इस पावन काम की प्रशंसा हो रही है। गौर हो कि इस लड़की  की शादी चार वर्ष पूर्व ब्रह्मदास के बेटे के साथ हुए थी, लेकिन एक  दुर्घटना में उसका देहांत हो गया। News Source: Divya Himachal

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