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Shimla: ठंड की बजह से बर्फ पिघला कर प्यास बुझाने को मजबूर यहाँ के लोग


हिमाचल प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में भीषण ठंड पड़ रही है। उच्च पर्वतीय हिस्सों में पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद जीवन सामान्य हो गया है और दिन में धूप खिल रही है लेकिन न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में तो स्थिति यह हो गई है कि पानी के प्राकृतिक जलस्रोत जम गए हैं और पीने के पानी की किल्लत खड़ी हो गई है। स्थिति यह है कि लोगों को बर्फ  पिघला कर पानी का प्रबंध करना पड़ रहा है। लाहौल-स्पीति जिला का मुख्यालय केलंग राज्य का सबसे ठंडा स्थल बना हुआ है। रविवार की सुबह केलंग में पारा शून्य से नीचे 12.6 डिग्री नीचे दर्ज किया जबकि एक दिन पहले पारा शून्य से 6 डिग्री नीचे था।

किन्नौर जिला के कल्पा और विख्यात पर्यटन स्थल मनाली में भी ठंड कहर बरपा रही है और इन दोनों स्थलों का पारा -3 डिग्री रहा। शिमला से सटी पर्यटन नगरी कुफरी में भी रात बेहद सर्द रही और यहां न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा सियोबाग में 0.5, सुंदरनगर व भुंतर में 1.6, चायल में 2.4, शिमला में 2.6, धर्मशाला में 2.8, मंडी व चम्बा में 3, डल्हौजी में 3.2, कांगड़ा में 4.2, ऊना में 5.3, बिलासपुर में 6.5, हमीरपुर में 6.6, जुब्बड़हट्टी में 6.9, नाहन में 8.9 और पांवटा साहिब में 10 डिग्री सैल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि प्रदेश में 28 दिसम्बर तक बारिश व बर्फबारी नहीं होगी। इस दौरान दिन में धूप खिलने से अधिकतम तापमान सामान्य रहेगा लेकिन न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आएगा।
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