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योल में जनवरी में सर्वे करेगी राज्य व केंद्र की टीम धर्मशाला

योल में जनवरी में सर्वे करेगी राज्य व केंद्र की टीम धर्मशाला

योल में जनवरी में सर्वे करेगी राज्य व केंद्र की टीम धर्मशाला - सेना की 9वीं राइजिंग स्टार कोर के मुख्यालय योल को छावनी बोर्ड से बाहर निकाल कर पंचायती राज में लाने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्रालय और प्रदेश सरकार में सहमति बनने के बाद अब नए साल केजनवरी माह में पूरे छावनी इलाके का सर्वे किया जाएगा।

इसमें यह तय होगा कि योल का कौन-सा क्षेत्र मिलिटरी एरिया व कौन सा क्षेत्र पंचायत में आएगा। इसके लिए राज्य सरकार और केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के 2-2 प्रतिनिधियों वाली 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी 31 जनवरी से पहले अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद राज्य सरकार व केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में योल के करीब 1,100 एकड़ क्षेत्र को छावनी से बाहर करने के निर्णय को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

बीते 6 दिसम्बर को नई दिल्ली में मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी की रक्षा सचिव से हुई बैठक में योल छावनी बोर्ड को भंग करने के बाद इसकी संपत्तियों का बंटवारा करने पर सहमति बनी है। मुख्य सचिव डा. बाल्दी ने पंजाब केसरी को बताया कि छावनी बोर्ड के कुछस्टाफको राज्य सरकार व कुछ स्टाफ को रक्षा मंत्रालय टेकओवर करेगा।

छावनी बोर्ड के तहत चल रहे न हाई स्कूल, अस्पताल, स्ट्रीट लाइट, वाटर सप्लाई के स्टाफ को राज्य न सरकार अपने अधीन लेगी। हालांकि 1 छावनी बोर्ड भंग करने के बाद योल । में मिलिटरी स्टेशन बना रहेगा। प्रदेश द्र में नाहन, कसौली, सुबाथू, ल डगशाई,डल्हौजी, जतोग और योल को में छावनी क्षेत्र हैं जहां आज भी को छावनी के नियम लागू हैं।
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