हिमाचल: देर रात अस्पताल के ठंडे फर्श पर दर्द से तड़पती रही 90 वर्षीय महिला

90-year-old woman aching on the cold floor of the hospital
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था का एक और नमूना देखने को मिला। जब देर रात अस्पताल के आपात में पहुंची 90 वर्षीय महिला ठंडे फर्श पर पड़ी दर्द से तड़पती रही। लेकिन उसे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नहीं किया गया। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार बीति रात गिरिपार के दुर्गम क्षेत्र से ग्राम पंचायत दुगाना की 90 वर्षीय महिला शुपी देवी पत्नी मोथा राम को अचानक पेट में दर्द हो गया। जिसके बाद परिजन वृद्धा को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले आए। जहां पर डॉक्टरों ने वृद्धा को अस्पताल में भर्ती करने की बजाय एक घंटा बाहर ही ठंडे फर्श पर ही पड़े रहने दिया।

वृद्धा के साथ आए परिजनों ने बताया कि पहले डॉक्टर द्वारा प्राथमिक जांच के दौरान वृद्धा को 4 टेस्ट के लिए लिखे और कहा कि पहले टेस्ट करा ले उपचार उसके बाद ही हो पाएगा। अस्पताल की लैब बंद होने के कारण बाहर निजी लैब से टेस्ट करवाने पड़े। परिजनों ने भी अस्पताल के नजदीक निजी लैब मे टेस्ट कराए, जिसमे लगभग डेढ़ घंटे का समय लग गया। रिपोर्ट आने तक इमरजेंसी वार्ड में भर्ती न करने की वजह 90 वर्षीय महिला अस्पताल के ठंडे फर्श पर तड़पती रही।

वृद्धा के परिजनों ने अपना आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार व स्थानीय विधायक ने जनता को बड़े बड़े वादे तो कर दिए पर उनको साकार करने में असमर्थ रहे है। सिविल अस्पताल की ऐसी हालत देखकर हर कोई व्यक्ति हैरान है कि करोड़ों की लागत से बनाया गया यह अस्पताल अब शोपीस बन चुका है।

सिविल अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों को इन दिनों हजारों रुपए खर्च करके निजी अस्पताल में उपचार करने के लिए मजबूर है। खास कर गिरिपार क्षेत्र के दूर दराज क्षेत्र की भोली भाली जनता जब उपचार के लिए पांवटा सिविल अस्पताल आते हैं तो वहां से कोई स्वास्थ्य सुविधा न मिलने पर निजी अस्पताल में उपचार करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। उधर पूछे जाने पर सीएमओ डॉ केके पराशर ने बताया कि स्टाफ के कमी के कारण मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत आ रही है। जल्द ही समस्या को सुलझा लिया जाएगा।

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